लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता | नितिन मेहरा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय सूत्रों के हवाले से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस कार्रवाई के दावे सामने आए। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में पुलिस या अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई थी।
दावों के अनुसार, देर रात शालबनी थाना पुलिस और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने परिसर में तलाशी अभियान चलाया। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि पुलिस ने काफी देर तक जवाब नहीं मिलने पर प्रवेश के लिए सख्त कदम उठाए।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित रूप से एक वित्तीय धोखाधड़ी मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि एक स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर जांच एजेंसियों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की नजर अब इस मामले में आने वाले आधिकारिक बयान और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भी अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर अभी कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट होने बाकी हैं। पुलिस, राज्य सरकार अथवा टीएमसी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

















































