लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर । (प्रदीप कुमार डागा)
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्गों का रविवार को शारदा बालिका निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर में शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र यज्ञ-हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ।
118 सेविकाएं ले रही प्रवेश वर्ग में प्रशिक्षण
राष्ट्र सेविका समिति के जोधपुर प्रांत का “प्रवेश वर्ग” इस वर्ष पश्चिमी राजस्थान के 7 विभागों, 18 जिलों और 2 महानगरों से आई 118 सेविकाओं की भागीदारी के साथ प्रारंभ हुआ। वर्ग के संचालन और प्रबंधन के लिए 34 कार्यकर्ता बहनें भी उपस्थित हैं।
प्रवेश वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रांत प्रचारिका डॉ. ऋतु शर्मा ने “समिति कार्य ईश्वरीय कार्य” विषय पर उद्बोधन देते हुए महिलाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका और प्रशिक्षण वर्गों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में रूमा देवी एवं सुनीता गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण पर फोकस
प्रांत कार्यवाहिका डॉ. सुमन रावलोत सहित अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुए इस वर्ग में गृहणियां, तरुणियां और विद्यार्थी सेविकाएं आगामी 15 दिनों तक शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और संगठनात्मक विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी।
इस प्रवेश वर्ग में वर्गाधिकारी के रूप में डॉ. यशस्वी शाकद्वीपीय तथा वर्ग कार्यवाहिका के रूप में डॉ. जया दाधीच जिम्मेदारी निभा रही हैं।
क्षेत्रीय स्तर का “प्रबोध वर्ग” भी शुरू
इसी श्रृंखला के अंतर्गत राजस्थान क्षेत्र का 15 दिवसीय “प्रबोध वर्ग” भी नागौर में प्रारंभ हुआ। इस वर्ग में जयपुर, चित्तौड़ और जोधपुर प्रांत की चयनित 49 सेविकाएं भाग ले रही हैं, जबकि प्रशिक्षण और प्रबंधन के लिए 16 शिक्षिका एवं प्रबंधिका सेविकाएं मौजूद हैं।
समिति कार्य के विस्तार पर दिया जोर
प्रबोध वर्ग के उद्घाटन सत्र में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य प्रमिला शर्मा ने “समिति कार्य की पृष्ठभूमि” विषय पर उद्बोधन दिया। उन्होंने संगठन विस्तार और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रिया चौहान मंचासीन रहीं।
व्यक्तित्व विकास पर विशेष प्रशिक्षण
प्रबोध वर्ग में भाग ले रही सेविकाएं आगामी 15 दिनों तक शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण के साथ विभिन्न राष्ट्रीय, सामाजिक और वैचारिक विषयों पर समूह चर्चा, संवाद और व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों में भाग लेंगी।
इस वर्ग में वर्गाधिकारी के रूप में सरोज प्रजापत तथा वर्ग कार्यवाहिका के रूप में गीतांजलि अपनी सेवाएं दे रही हैं।




















































