लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मारवाड़ यूनिर्वसिटी प्रोजेक्ट को लेकर कार्यशैली पर उठाए सवाल
जयपुर । राजस्थान की सियासत में एक बार फिर “इंतजारशास्त्र” को लेकर गर्माहट बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘इंतजारशास्त्र चैप्टर 16’ के जरिए राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
गहलोत ने इस बार मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और इसे क्षेत्र के साथ “सौतेला व्यवहार” करार दिया है।
मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी पर उठे सवाल
गहलोत का आरोप है कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी कछुआ चाल से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की 31 मार्च 2027 की डेडलाइन अब सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई है।
उनके अनुसार, यह प्रोजेक्ट मारवाड़ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहद अहम है, लेकिन सरकार की सुस्ती के कारण इसका काम समय पर पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
AIIMS के बाद अब नया मुद्दा
पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि इससे पहले AIIMS को लेकर भी सरकार ने अदूरदर्शिता दिखाई थी और अब मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की उपेक्षा की जा रही है।
गहलोत के मुताबिक, यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक “सुनियोजित सौतेला व्यवहार” है, जिससे क्षेत्र के विकास पर असर पड़ रहा है।
सरकार पर जवाब देने का दबाव
अशोक गहलोत ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा कि मारवाड़ की जनता अब इंतजार से थक चुकी है और सरकार को जवाब देना चाहिए।
वहीं, अब तक भजनलाल शर्मा सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “इंतजारशास्त्र” के जरिए अशोक गहलोत लगातार सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं।
यह मुद्दा आने वाले समय में राजस्थान की सियासत में और अधिक गर्माहट ला सकता है।
मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर उठे सवालों ने एक बार फिर सरकार की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और यह प्रोजेक्ट कब रफ्तार पकड़ता है।




















































