दिल तोड़ना भी हिंसा लेकिन राजनीति में दिल तोड़े भी जाते है दुखाये भी जाते हैं- राजे 

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा 

छोटी खाटू/सीकरपूर्व मुख्यमंत्री  वसुन्धरा राजे ने कहा है कि जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है।किसी भी जीव,किसी भी प्राणी के जीवन को नुक़सान पहुंचाना हिंसा मानी गई है।लेकिन हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही हिंसा नहीं है।

किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है

किसी का दिल दुखाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है। लेकिन राजनीति में अक्सर ऐसा होता है।राजनीति में दिल तोड़े भी जाते है और दिल दुखाये भी जाते हैं।उन्होंने कहा राजमाता विजया राजे सिंधिया ने सिखाया है कि जीवन में किसी का मन आहत मत करो। मैं उन्हीं की राह पर चल रही हूँ।वे छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में बोल रही थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ अन्याय करना और किसी का हक छीनना भी अधर्म है।भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का अभाव है।यदि लोग समय निकाल कर भगवान का स्मरण कर लें तो जीवन में कठिनाइयां आए ही नहीं।इस अवसर पर युगप्रधान आचार्य महाश्रमण ने कहा कि नैतिकता,सद्भावना और नशामुक्ति व्यक्ति के जीवन में होना चाहिए। उन्होंने पूर्व सीएम  राजे को संस्कारवान जननेता बताया जो संतों के सामने आसान पर नहीं बैठती। कुर्सी का उपयोग नहीं करती है। महाश्रमण मर्यादा महोत्सव समिति की ओर से  राजे का सम्मान भी किया गया।

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