लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डबल इंजन सरकार के एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल जनजाति अंचल में लिख रहे सुनहरे भविष्य की नई गाथा
किसानों और मजदूरों के बच्चे पढ़-लिखकर बन रहे डॉक्टर और इंजीनियर
उदयपुर/जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के सुदूर जनजाति अंचलों में संचालित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (ईएमआरएस) शिक्षा, सामाजिक समरसता और सुरक्षित भविष्य के मजबूत केंद्र बनकर उभर रहे हैं। राज्य के 31 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं आज नीट, आईआईटी-जेईई जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक कंप्यूटर लैब, वर्चुअल रियलिटी, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष कोचिंग और स्किल लैब्स जैसे नवाचार जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोल रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि अभावों में जीवन जीने वाले किसानों और मजदूरों के बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बनने की ओर अग्रसर हैं।
11 हजार से अधिक विद्यार्थी, हजारों घरों में जगी उम्मीद
वर्तमान में ईएमआरएस में 11,619 अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें 6,710 बालक और 4,909 बालिकाएं शामिल हैं। इन बच्चों की सफलता ने जनजातीय क्षेत्रों के हजारों परिवारों में शिक्षा को लेकर नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की गारंटी का ही परिणाम है कि सत्र 2024-25 में 9,999 विद्यार्थियों के मुकाबले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 1,620 अधिक विद्यार्थियों ने ईएमआरएस में प्रवेश लिया है। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है।
शिक्षा के साथ आवास, भोजन और पुस्तकें भी निःशुल्क
राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल सोसायटी द्वारा संचालित सीबीएसई से संबद्ध 31 ईएमआरएस विद्यालयों में नवीनतम विद्यालय जमवारामगढ़ (जयपुर) में जून 2025 से प्रारंभ किया गया है। सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें कक्षा 11 और 12 में विज्ञान एवं कला संकाय संचालित हैं।
विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा के साथ पाठ्यपुस्तकें, आवास, भोजन, पौष्टिक आहार, जूते-मोजे और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व वर्चुअल रियलिटी आधारित स्किल लैब्स भी संचालित की जा रही हैं।
खेल और संस्कृति में भी चमक रहे ईएमआरएस के विद्यार्थी
ईएमआरएस में शिक्षा के साथ खेलकूद और सह-शैक्षिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेट स्पोर्ट्स मीट-2025 (उदयपुर) से चयनित 154 विद्यार्थियों ने ओडिशा के राउरकेला में आयोजित नेशनल स्पोर्ट्स मीट-2025 में 9 इवेंट्स में पदक अर्जित किए।
वहीं, राज्य स्तरीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट-2025 से चयनित 59 विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक फेस्ट में भाग लेकर राज्य का नाम रोशन किया।
जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग
ईएमआरएस में कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों के लिए इनेबल कार्यक्रम के तहत टाटा मोटर्स के सहयोग से आईआईटी-जेईई और नीट की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं, दक्षिणा कार्यक्रम के अंतर्गत नेशनल लेवल परीक्षा में चयनित 12 विद्यार्थियों को भोपाल में विशेष कोचिंग दी जा रही है।
ईएमआरएस से एमबीबीएस तक का सफर
ईएमआरएस बरनाला (सवाईमाधोपुर) की छात्रा राजकुमारी मीना, ईएमआरएस बिहारीपुरा (जयपुर) के छात्र मोहनलाल मीना और अनिकेश मीना आज सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। ये सभी किसान और मजदूर परिवारों से आते हैं, जिनके लिए निजी स्कूल और महंगी कोचिंग संभव नहीं थी।
राजकुमारी मीना आज गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, भावनगर में एमबीबीएस सेकंड ईयर की छात्रा हैं और आगे एमडी मेडिसिन करना चाहती हैं। अनिकेश मीना पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं और कार्डियोलॉजिस्ट बनने का सपना देख रहे हैं। वहीं, मोहनलाल मीना पंजाब के फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं।















































