लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
हेमराज तिवारी वरिष्ठ पत्रकार
मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु बाहर नहीं, भीतर छिपा होता है। यही मन कभी मित्र बनकर हमें ऊँचाइयों तक ले जाता है, और कभी शत्रु बनकर पतन के अंधकार में धकेल देता है। भारतीय दर्शन ने हजारों वर्ष पहले ही कह दिया था – “मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः” अर्थात् मन ही बंधन का कारण है और वही मुक्ति का भी। आज आधुनिक विज्ञान भी इस सत्य को स्वीकार कर चुका है।
वैज्ञानिक दृष्टि से मन का नियंत्रण
न्यूरोसाइंस ने सिद्ध किया है कि ध्यान, प्राणायाम और सकारात्मक दिनचर्या हमारे मस्तिष्क की संरचना को बदल सकते हैं।
हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों की रिसर्च बताती है कि मेडिटेशन से Amygdala (चिंता व भय का केंद्र) शांत होता है और Prefrontal Cortex (निर्णय क्षमता) मजबूत होता है।
AIIMS दिल्ली की रिपोर्ट कहती है कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने से तनाव हार्मोन Cortisol घटता है और मन अधिक स्थिर होता है।
WHO के अनुसार, रोज़ 30 मिनट का व्यायाम अवसाद को दवाइयों जितना प्रभावी ढंग से कम कर सकता है।
वैदिक दृष्टि से मन का नियंत्रण
वेद और उपनिषद बार-बार कहते हैं कि मन को संयमित किए बिना आत्मविकास असंभव है।
भगवद्गीता (अध्याय 6, श्लोक 6): “जिसने मन को जीत लिया, उसका मन उसका मित्र है। और जिसने मन को नहीं जीता, उसका मन उसका शत्रु है।”
योगसूत्र में पतंजलि कहते हैं: “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” अर्थात योग मन की वृत्तियों को रोकने की साधना है।
व्यावहारिक उपाय
ध्यान – रोज़ 15 मिनट श्वास पर केंद्रित होना। प्राणायाम – अनुलोम-विलोम और भ्रामरी से मनोबल बढ़ाना। कृतज्ञता लेखन – हर रात तीन चीजें लिखना जिनके लिए आभारी हैं। संगीत और मंत्र – शांत स्वर या वैदिक मंत्र सुनना। सामाजिक सेवा – दूसरों की मदद कर स्वयं को उद्देश्यपूर्ण बनाना।
प्रेरणा का संदेश
मन को नियंत्रित करना कोई असंभव साधना नहीं है। यह छोटे-छोटे अभ्यासों से शुरू होती है। जैसे बूँद-बूँद से सागर भरता है, वैसे ही हर दिन का एक छोटा प्रयास जीवन को बदल सकता है।
आज जब मानसिक तनाव, अवसाद और नकारात्मकता चारों ओर फैली है, तब यह याद रखना होगा कि मन का नियंत्रण ही आत्मविनाश और आत्मविकास के बीच की सबसे बड़ी कड़ी है। विज्ञान और वेद दोनों यही कहते हैं – मनुष्य अपनी नियति स्वयं गढ़ सकता है। फर्क केवल इतना है कि वह अपने मन को अपना मित्र बनाए या अपना शत्रु।
















































