लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
7 जिलों में 1,452 विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण, वन उत्पादों के लिए ‘वनगिरि’ ब्रांड लॉन्च
प्रतापगढ़/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रतापगढ़ में आयोजित समारोह में उदयपुर संभाग के सात जिलों को 924 करोड़ रुपये से अधिक के 1,452 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 668 करोड़ रुपये के 1,029 कार्यों का शिलान्यास और 256 करोड़ रुपये के 423 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराएं राजस्थान की विशिष्ट पहचान हैं। सरकार जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये से अधिक के 423 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया है। इनमें बिजली आपूर्ति से जुड़े 87 करोड़ रुपये के 14 कार्य, पेयजल और सिंचाई के 75 करोड़ रुपये से अधिक के 15 कार्य, सड़कों के 22 करोड़ रुपये के 7 कार्य तथा विद्यालयों से जुड़े 9 करोड़ रुपये से अधिक के 19 कार्य शामिल हैं।
वहीं 668 करोड़ रुपये से अधिक के 1,029 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इनमें सड़क सुविधाओं के 429 करोड़ रुपये के 299 कार्य, ग्रामीण विकास के 73 करोड़ रुपये के 562 कार्य और स्वास्थ्य क्षेत्र के 71 करोड़ रुपये के 6 महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
सात जिलों में विकास कार्य
उदयपुर संभाग के सात जिलों में किए गए शिलान्यास और लोकार्पण में—
- उदयपुर: 166.80 करोड़ रुपये के 526 कार्य
- डूंगरपुर: 189.85 करोड़ रुपये के 105 कार्य
- चित्तौड़गढ़: 164.57 करोड़ रुपये के 88 कार्य
- बांसवाड़ा: 89.68 करोड़ रुपये के 77 कार्य
- प्रतापगढ़: 109.77 करोड़ रुपये के 436 कार्य
- राजसमंद: 108.50 करोड़ रुपये के 130 कार्य
- सलूंबर: 95.05 करोड़ रुपये के 90 कार्य
शामिल हैं।
वन उत्पादों को मिलेगा बाजार
समारोह में मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्र के वन उत्पादों के संग्रहण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए ‘वनगिरि’ ब्रांड के पहले शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ (वाइल्ड फॉरेस्ट हनी) को लॉन्च किया।
वन धन विकास केंद्रों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए राजससंघ और कॉनफैड के बीच एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से जनजातीय समुदायों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य, बाजार और आजीविका के नए अवसर मिल सकेंगे।
जनजातीय विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए मां-बाड़ी केंद्रों के शिक्षाकर्मियों, महिला सहयोगिनियों तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय में वृद्धि की गई है। आठ जिलों में 530 वनधन विकास केंद्र गठित किए गए हैं और उदयपुर में अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का निर्माण कराया गया है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों का मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके अलावा 250 नए मां-बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं तथा आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 5,947 केंद्रों का उद्घाटन किया गया है।
जनजातीय किसानों को 2 लाख 36 हजार मिनीकिट वितरित किए गए हैं। वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 925 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं।
रोजगार और ग्रामीण सुविधाओं का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
पेयजल के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल तथा नर्मदा और किशाऊ परियोजनाओं को लेकर हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मंदिर में दर्शन, पारंपरिक स्वागत
प्रतापगढ़ पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन किए और पंचामृत से अभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। प्रतापगढ़ पहुंचने पर उनका पारंपरिक गैर नृत्य के साथ स्वागत किया गया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन जीनगर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
