लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सुनील निगम
चौमहला (झालावाड़)।
झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में मुक्तिधाम के समीप स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यहां जमा कचरे के बड़े-बड़े ढेरों और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बदबू के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।
मुक्तिधाम के पास बने इस ट्रेंचिंग ग्राउंड के आसपास गंगधार थाना परिसर, जलदाय विभाग कार्यालय, सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल सहित कई सरकारी संस्थान स्थित हैं। ऐसे में यहां आने-जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिदिन डाला जा रहा कचरा
स्थानीय लोगों के अनुसार ग्राम पंचायत के कचरा संग्रहण वाहन प्रतिदिन यहां कचरा डालते हैं, जिससे गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार कचरे में आग लगने या उसे जलाने से निकलने वाला धुआं और दुर्गंध आसपास के वातावरण को और अधिक प्रदूषित कर देती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कचरे से उड़ने वाले प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट घरों तक पहुंच जाते हैं। बदबू के कारण बच्चे खुले में खेल नहीं पाते और लोगों का घरों के बाहर बैठना भी मुश्किल हो गया है।
आवारा पशुओं और गौवंश के लिए भी खतरा
ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों और गौवंश का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई कि गौमाताएं कचरे में पड़ी प्लास्टिक की थैलियां और अन्य अपशिष्ट खा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
बीमारी फैलने की आशंका
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से जमा कचरे के कारण संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। दुर्गंध, मच्छरों और गंदगी के चलते लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
ट्रेंचिंग ग्राउंड को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग
स्थानीय नागरिकों और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों ने मांग की है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड को कस्बे की आबादी से दूर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान स्थान पर ट्रेंचिंग ग्राउंड होने से कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय परिवारों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि लोगों को दुर्गंध और गंदगी से राहत मिल सके।