लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्ट: नितिन मेहरा, अजमेर
अजमेर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में तकनीक भले ही प्रमुख हो, लेकिन उसका अंतिम लक्ष्य मनुष्यता का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि चरित्र निर्माण और संवेदनशीलता का विकास भी है।
देवनानी बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वर्तमान दौर की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैट जीपीटी जैसी तकनीकों का जिक्र किया और कहा कि एआई कार्यों को आसान जरूर बना सकती है, लेकिन यह कभी भी मानव मस्तिष्क और उसकी संवेदनशीलता का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल मशीनी ज्ञान पर निर्भर न रहने और मौलिक चिंतन को विकसित करने की सलाह दी।
उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें विश्व भर के श्रेष्ठ विचारों को अपनाना चाहिए। साथ ही ऋषि कणाद, आर्यभट्ट और कौटिल्य जैसे महान विद्वानों का उदाहरण देते हुए भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) की सराहना करते हुए कहा कि कौशल विकास और व्यावहारिक ज्ञान विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि युवा अपनी तकनीकी कुशलता का उपयोग समाज और देश के विकास में करें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह में कुल 3380 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 2588 बीटेक, 483 एमबीए, 242 एमसीए, 42 एमटेक, 12 बी डिजाइन, 4 बीआर्क तथा 9 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 23 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 166 को मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समारोह में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश अग्रवाल ने दीक्षांत उद्बोधन देते हुए कहा कि दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर से गुजर रही है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी तकनीकें समाज को तेजी से बदल रही हैं।
कार्यक्रम में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, डूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित, राजूवास के कुलगुरु प्रो. सुमंत व्यास सहित विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल सदस्य, स्टाफ, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में कुलसचिव रचना भाटिया ने आभार व्यक्त किया।

















































