लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बांसवाड़ा/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांसवाड़ा जिले के सुदूर आदिवासी क्षेत्र चुड़ादा गांव में रात्रि चौपाल के बाद गुरुवार सुबह ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनसंवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार को साकार करने के लिए कार्य कर रही है और ग्राम विकास चौपाल उसी सोच का जीवंत उदाहरण है, जहां अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
पीपल के पेड़ के नीचे लगाई चौपाल
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पीपल के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। पानी और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को हीरन नदी पर एनिकट निर्माण और पेयजल स्रोतों के विकास के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री मां-बाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट वितरित की। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए ग्रामीणों से युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की।
वित्तीय अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई
चौपाल के दौरान कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिश भाभोर के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद चिकित्सा विभाग ने डॉ. भाभोर को एपीओ कर दिया।
जल संरक्षण और लाभदायक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए हर बूंद का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने किसानों से माइक्रो सिंचाई, वर्षाजल संग्रहण, डिग्गी निर्माण और आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही पशुपालन को खेती से जोड़कर आय बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि सामुदायिक सहभागिता से जल संकट का समाधान संभव है।
मौके पर ही मांगों को मिली स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा करते हुए कई विकास कार्यों को तत्काल मंजूरी दी। इनमें—
- ठुम्मठ गांव में मां-बाड़ी केंद्र निर्माण के लिए ₹16.20 लाख
- ठुम्मठ चौराहा पर सिंगल फेज ट्यूबवेल के लिए ₹20 लाख
- चुड़ादा में मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण के लिए ₹7 लाख
की स्वीकृति शामिल है।
इसके अलावा राजकीय विद्यालय में दो कक्षा-कक्ष निर्माण और दूध संकलन केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
संवेदनशीलता का परिचय
भ्रमण के दौरान रोशनी कलाल ने अपने सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित पुत्र की स्थिति बताते हुए अपने पति हेमंत कुमार कलाल का तबादला सागवाड़ा से बांसवाड़ा करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल पदस्थापन के निर्देश जारी किए।
कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।