लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की दी सौगात
अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी हैं शिक्षा की त्रिवेणी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। युवा देश का वर्तमान भी हैं और भविष्य भी। राज्य सरकार हर कदम पर प्रदेश के विद्यार्थियों और युवाओं के साथ खड़ी है। वे पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई करें, नवाचार अपनाएं और सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपने सपनों को साकार करें। मुख्यमंत्री ने जयपुर में राजकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल खोलने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर कॉमर्स कॉलेज, जयपुर में आयोजित सरस्वती वंदन, युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नवचेतना, नवसृजन और नवसंकल्प का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रदेशभर में 75 लाख विद्यार्थियों ने सामूहिक सरस्वती वंदना कर शिक्षा की देवी को नमन किया।
युवाओं का सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अब तक 1 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तथा 1 लाख 43 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। एक लाख सरकारी पदों की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया गया है। निजी क्षेत्र में भी लगभग ढाई लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना, संभाग स्तर पर युवा साथी केंद्र, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन, राजस्थान युवा नीति, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, 65 आई-स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट की स्थापना तथा 658 स्टार्टअप्स को 22.50 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
मेगा पीटीएम से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगा पीटीएम के माध्यम से शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी के बीच समन्वय मजबूत हुआ है। ये तीनों मिलकर शिक्षा की त्रिवेणी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी राजकीय विद्यालयों में निपुण मेला एवं कृष्ण भोग का आयोजन किया गया है, जिससे सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा मिला है। निपुण राजस्थान कार्यक्रम के तहत कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों की पठन, लेखन एवं गणना क्षमता को गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा रहा है।
समाज का नेतृत्व कर रहीं बेटियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार बालिकाओं के जन्म से लेकर उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। लाडो प्रोत्साहन योजना, निःशुल्क साइकिल वितरण, 1.64 लाख महिलाओं व बालिकाओं को कंप्यूटर एवं इंग्लिश स्पोकन प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री नारी शक्ति कौशल सामर्थ्य जैसी योजनाओं से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
विद्यार्थियों से की आत्ममंथन की अपील
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असाधारण क्षमता होती है। माता-पिता और शिक्षक उनकी नींव मजबूत करते हैं, ताकि वे भविष्य में ऊंची उड़ान भर सकें। प्रतिस्पर्धा को खुद पर हावी न होने दें, बल्कि स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। शिक्षक केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और मेंटर होते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के सपनों को ठेस पहुंची, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस पर कठोर कार्रवाई की है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
1 हजार करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी से वितरित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। उन्होंने प्रदेशभर में 3.34 लाख छात्राओं को 130 करोड़ रुपये की निःशुल्क साइकिल वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही, गार्गी पुरस्कार सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 3 लाख से अधिक बालिकाओं को 126.81 करोड़ रुपये, ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना में 4.40 लाख विद्यार्थियों को 53 करोड़ रुपये तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई।
राज्यभर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर एवं उदयपुर के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने तथा पानी-बिजली बचाने की अपील की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, राव राजेन्द्र सिंह, विधायक गोपाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, शासन सचिव कृष्ण कुणाल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।