लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
साहित्यकारों और कलाकारों का सम्मान
जिला सूचना केंद्र में सजी साहित्यिक महफिल, साहित्यकारों ने रचनाओं का वाचन कर बांधा समां
राजसमंद। (गौतम शर्मा) साकेत साहित्य संस्थान की अगस्त माह की मासिक साहित्यिक संगोष्ठी जिला सूचना केंद्र में आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिलेभर से आए साहित्यकारों और कलाकारों ने भाग लिया। संगोष्ठी में रचनाओं के वाचन के साथ साहित्य एवं कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिल्म निर्देशक एवं लेखक हारून रशीद रहे। हारून रशीद ने क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया, आहट और सीआईडी जैसे चर्चित टीवी धारावाहिकों में लेखन एवं निर्देशन किया है। उनके साथ फिल्म निर्माता महिपाल पूनमिया भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीणा वैष्णव ने की।
साहित्यकारों ने प्रस्तुत की रचनाएं
संगोष्ठी में जिलेभर से पहुंचे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया। कार्यक्रम में डॉ. सम्पतलाल रेगर, ज्योत्सना पोखरना, भावना पालीवाल, राधेश्याम शर्मा, चंद्रशेखर नारलाई, राधेश्याम राणा, वीणा वैष्णव, नारायण सिंह राव, लक्ष्मी नारायण पालीवाल, परितोष पालीवाल, चतुर कोठारी, छगनलाल प्रजापत, कमलेश जोशी, डॉ. उषा शर्मा और डॉ. रतनलाल नंगारची सहित कई साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
डॉ. सम्पतलाल रेगर ने ‘आज का रावण’, ज्योत्सना पोखरना ने ‘कीमत जल की बूंदों की कब समझेंगे’, भावना पालीवाल ने ‘कंचनवन फिर कांतिमान है’, राधेश्याम शर्मा ने ‘युवा आंदोलनों में भ्रमित न हों’ और चंद्रशेखर नारलाई ने मानवीयता पर आधारित रचना प्रस्तुत की।
राधेश्याम राणा ने सावन की रचना ‘सावन में झूला झूले रे’, वीणा वैष्णव ने ‘मीत कुछ ही भले, ना भीड़ चाहिए’, नारायण सिंह राव ने ‘बड़े लोग वाकई बड़े होते हैं’ और लक्ष्मी नारायण पालीवाल ने ‘नारायण सिंह राव एक व्यक्तित्व’ रचना प्रस्तुत की।
इसके अलावा परितोष पालीवाल, चतुर कोठारी, छगनलाल प्रजापत, कमलेश जोशी, डॉ. उषा शर्मा और डॉ. रतनलाल नंगारची ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक एवं सामाजिक विषयों को सामने रखा। हास्य रचना ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों को खूब गुदगुदाया।
कलाकारों और साहित्यकारों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जाह्नवी कला परिषद से जुड़े सदस्यों तथा हाल ही में जिला स्तर पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित प्रतिभाओं को साकेत साहित्य संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में फिल्म निर्देशक हारून रशीद, फिल्म निर्माता महिपाल पूनमिया, जाह्नवी कला परिषद के अध्यक्ष मनोज पोरवाड़, डॉ. जगदीश जीनगर, महेंद्र कुमावत, कुमार दिनेश, सुरेश रजक और सुरेश भाट शामिल रहे।
इसके साथ ही अगस्त माह की साहित्यिक गोष्ठी में साहित्य के प्रति समर्पित साहित्यधर्मियों का भी बहुमान किया गया। इनमें दिनेश श्रीमाली, नारायण सिंह राव, राकेश टांक, गायड़ सिंह चूंडावत, हरीश कुमार सालवी, राधेश्याम शर्मा, रघुवीर दास वैष्णव और चंद्रशेखर शर्मा नारलाई शामिल रहे।
साहित्य और कला को मंच देने की पहल
साकेत साहित्य संस्थान की मासिक गोष्ठी में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर रचनाओं के माध्यम से संवाद देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकारों ने नियमित रूप से इस तरह के आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने की बात कही।
कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी अन्नू राठौड़ रुद्रांजली ने दी। अंत में संस्थान की अध्यक्ष वीणा वैष्णव एवं उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों और उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
गोष्ठी में संस्थान के महासचिव कमल अग्रवाल, ममता खटीक, राधेश्याम शर्मा, हरीश कुमार सालवी, लक्ष्मी नारायण पालीवाल, गायड़ सिंह चूंडावत, रविराज सिंह चूंडावत, ओमप्रकाश कीर, चतुर कोठारी, रोशनलाल गर्ग, रतनलाल नागरची, गणपत चपलोत, सुरेश कुमार धोबी, राकेश टांक और कमलेश जोशी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


















































