खेत पर कब्जा और फिर जानलेवा धमकी! RTI कार्यकर्ता भंवरलाल बोले—‘उच्च अधिकारियों को शिकायत की, पर सुनवाई नहीं’
राजकीय जमीन पर अतिक्रमण उजागर किया तो मिली गोली मारने की धमकी? पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा
लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर/रियांबड़ी। राजस्व ग्राम मेडास, तहसील रियांबड़ी (नागौर) के निवासी भंवरलाल सेन ने आरोप लगाया है कि उनके पिता रामदेव सेन की खातेदारी भूमि (खसरा संख्या 798/294) पर ग्रामीणों व पंचायत कर्मियों द्वारा न केवल अतिक्रमण किया गया, बल्कि बाँध का पानी खेत में छोड़कर फसल को नुकसान पहुंचाया गया। इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत द्वारा खेत के बीच में से रास्ता निकाला गया और अवैध चारदीवारी भी खड़ी कर दी गई।
पीड़ित के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और विकास अधिकारी ने भी अपूर्ण, भ्रामक और निराधार रिपोर्ट पेश की, जिस पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
कई बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य
भंवरलाल का आरोप है कि उन्होंने पिछले वर्षों में कई बार शिकायतें कीं—
जिला कलेक्टर
मुख्य सचिव
मुख्यमंत्री कार्यालय
राजभवन
पुलिस अधीक्षक
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB)
प्रधानमंत्री कार्यालय
राष्ट्रपति भवन
शासन सचिवालय
विभिन्न विधायकों
लेकिन इतने बड़े स्तर पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद नागौर के पंचायत राज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं की गई।
- पीड़ित का आरोप है कि दोषियों को विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन का सीधा संरक्षण मिला हुआ है। इसी कारण आज तक प्रार्थी की जमीन पर अतिक्रमण बना हुआ है, और सरकारी निधि का दुरुपयोग कर राजकीय भूमि और निजी भूमि पर निर्माण कार्य हो रहे हैं।
