राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन का नवम महाधिवेशन आयोजित

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

ईमानदारी और पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को साकार करने में कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ईमानदारी और पारदर्शिता से किया गया कार्य ही सुशासन की पहचान बनता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी कार्मिक जनसेवा को अपना ध्येय बनाते हुए भ्रष्ट आचरण से दूर रहें और कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन के नवम महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कर्मचारी कल्याण स्मारिका का विमोचन भी किया।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में एक आईएएस अधिकारी सहित 103 अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि छह अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा 11 अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि रिश्वत, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई है।

स्वच्छ शहर बनाने में कर्मचारियों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर पालिका कर्मचारी शहरों की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 16वां स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में उदयपुर 13वें स्थान पर रहा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरों को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है।

अमृत 2.0 के तहत 11,560 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहरों के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। अमृत 2.0 योजना के तहत प्रदेश के 200 शहरों और कस्बों में 11,560 करोड़ रुपये की लागत से 363 परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और डिजिटल नगर सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा शहरी क्षेत्रों के लिए नई टाउनशिप नीति-2024 लागू की गई है।

जल संरक्षण और हरियाली पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में जल संरक्षण और जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान में ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत अब तक करीब 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और इस वर्ष 10 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही प्रदेश में पहली बार चंदन वन विकसित किए जाएंगे।

नगर निकाय कर्मचारियों का योगदान सराहनीय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन का सबसे पहला और सीधा संपर्क नगर निकाय कर्मचारियों से होता है। सफाई, पेयजल, सड़क, सीवर, पार्कों के रखरखाव, अग्निशमन तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के माध्यम से ये कर्मचारी नागरिकों का जीवन आसान और सुरक्षित बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में नगर निकायों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है तथा कर्मचारियों को समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री ने भी किया संबोधित

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों, कर्मचारियों और आमजन के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।

वहीं नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, कर्मचारी कल्याण, आधारभूत ढांचे के विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है तथा प्रदेश को विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रही है।

इस अवसर पर स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष भागचंद श्रीमाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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