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लखपति और मिलेनियर दीदीयां कैसे बनी राजस्थान में ?

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

राजविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बजट पूर्व संवाद राजविका महिलाएं विकास की मुख्य धारा से जुड़कर हो रही है सशक्त

जयपुर। विपक्ष भले ही राजस्थान में बढ़ती बेरोजगारी का रोना रोए लेकिन यदि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की माने तो राजस्थान में 13 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी है ,इनमें से मिलेनियर दीदी भी बन रही है। यह सब संभव हुआ है स्वयं सहायता समूह की मदद से महिलाएं बेहतरीन प्रबंधक और उद्यमी है साथ ही महिलाओं ने ऊंची ब्याज तक दर पर कर्ज लेने की मजबूरी से भी मुक्ति पाई है मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में राजविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ बजट से पूर्व संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जा रहा है राजस्थान में भी राजविका के माध्यम से महिलाएं प्रदेश की विकास की मुख्य धारा में शामिल होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि राजविका की प्रत्येक बहन पारिवारिक आय बढ़ाने में योगदान दे रही है और पूरे परिवार को आत्मनिर्भर बना रही है।
डबल इंजन की सरकार ने दी गति 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी, ज्ञान की देवी मां सरस्वती और शक्ति की देवी दुर्गा को माना गया है। यह तीनों ही रूप हमारी माता बहनों में समाहित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर डबल इंजन की सरकार आवास से लेकर रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ महिलाओं को प्रदान कर रही है।
32 हजार ग्राम  संगठन के  माध्यम से राजविका का मजबूत नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 51 लाख ग्रामीण परिवारों को चार लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह से जोड़ा गया है ।साथ ही 32000  ग्राम संगठन और 1000 से अधिक क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से राजविका का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है।  उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत लगभग 36 लाख परिवार कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियां जुड़कर काम कर रहे हैं।
आजीविका संवर्धन के लिए 2000 करोड रुपए
उन्होंने कहा कि राजविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 2000 करोड रुपए से अधिक की राशि आजीविका संवर्धन के लिए प्रदान की गई है । उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन और गैर कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 3:30 से अधिक उत्पादक समूह का गठन किया गया है । इसके माध्यम से तीन लाख परिवारों को कृषि एवं पशुपालन गतिविधियां जोड़ा गया है । किसान परिवार की महिलाएं पशुपालन भी करती है। इसीलिए दूध उत्पादन पर भी प्रति लीटर ₹5 का अनुदान दे रही है।
बजट के लिए महिलाओं के सुझाव महत्वपूर्ण है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजविका की महिलाओं ने बैंक बाजार और सरकारी योजनाओं से जुड़कर वित्तीय आत्मनिर्भरता पाई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद बेच रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घर का बजट तो तय करती है राजस्थान के बजट में भी वह अमूल्य सुझाव दे रही है। राजविका का महिलाएं स्वयं सहायता समूह को और मजबूत बनाने आजीविका के नए अवसर पैदा करने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने प्रशिक्षण और कौशल विकास से संबंधित  दें रहीं हैं।

यह भी रहे मौजूद

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ग्रामीण विकास मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ओटाराम देवासी अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गोवा प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गडरिया स्टेट मिशन के निर्देशक स्वयं सहायता समूह नेहा गिरी सहित अन्य अधिकारीकरण भी मौजूद रहे।

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