लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राज्य बजट 2026-27: 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य बजट 2026-27 राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने इसे 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति सरकार के कर्तव्यों का दस्तावेज बताया।
विधानसभा में उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी द्वारा बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट महिला, युवा, मजदूर, किसान और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है।
बजट का आकार 41% बढ़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 का बजट आकार 6,10,956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। अब तक कुल 2718 बजट घोषणाओं में से 2434 की क्रियान्विति की जा चुकी है।
10 स्तंभों पर आधारित बजट
यह बजट अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाएं, औद्योगिक विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास, हरित विकास और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर आधारित है।
अर्थव्यवस्था और प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि
राज्य की जीएसडीपी 21.52 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 2023-24 से लगभग 41% अधिक है। प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये से अधिक (2,02,349 रुपये) होने का अनुमान है।
प्रमुख प्रावधान
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पूंजीगत व्यय: 53,978 करोड़ रुपये
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: 32,526 करोड़ रुपये
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ग्रीन बजट: 33,476 करोड़ रुपये
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शिक्षा: 69,000 करोड़ रुपये
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वीबीजी राम जी योजना: 4,000 करोड़ रुपये
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यमुना जल शेखावाटी तक लाने हेतु 32,000 करोड़ रुपये
युवाओं और रोजगार पर फोकस
राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) की स्थापना से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। 5 वर्षों में 4 लाख नौकरियों के लक्ष्य के तहत 1 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.54 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है।
महिला सशक्तिकरण
जिला स्तर पर रूरल महिला बीपीओ खोले जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों की ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य
400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालय बनाया जाएगा। जे.के. लोन अस्पताल में 500 बेड आईपीडी टावर और आरयूएचएस में 200 बेड पीडियाट्रिक आईपीडी की व्यवस्था की जाएगी।
कर्मचारियों के हित में समिति
कर्मचारी संगठनों की मांगों के परीक्षण हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो वेतनमान एवं पदोन्नति से जुड़े विषयों पर सिफारिश करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।