लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस और महत्वपूर्ण कदम है।
कुमावत ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट “समृद्ध किसान, सशक्त पशुपालक और विकसित राजस्थान” की परिकल्पना को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि पशुपालन, डेयरी मूल्य श्रृंखला और सहकारी निवेश को लेकर बजट में जो प्रोत्साहन दिए गए हैं, वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
मुख्य घोषणाएँ और प्रावधान:
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डेयरी सेक्टर का विस्तार:
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2000 करोड़ रुपये के कोरपस फंड की घोषणा।
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राष्ट्रीय स्तर पर सरस ब्रांड के आउटलेट्स एनसीआर, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में खोले जाएंगे, इसके लिए 100 करोड़ रुपये व्यय।
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मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के अंतर्गत 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान; आगामी वर्ष में 700 करोड़ रुपये का प्रावधान।
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लगभग 5 लाख पशुपालक और 1 लाख प्रशिक्षित उत्पादक लाभांवित होंगे।
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दुग्ध उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमता:
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वर्तमान 52 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 200 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य।
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बिक्री केंद्रों की संख्या 27 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने का प्रस्ताव।
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अगले वर्ष में 1000 नए दुग्ध संकलन केंद्र और 500 डेयरी बूथ खोले जाएंगे।
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अलवर में 3 लाख लीटर क्षमता का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट (200 करोड़ रुपये), बारां और सिरोही में 50 हजार लीटर प्रति दिन क्षमता के प्लांट (100 करोड़ रुपये)।
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पशु चिकित्सा सुविधाएँ:
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200 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र आगामी दो वर्षों में खोले जाएंगे।
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25 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को चिकित्सालयों में और 50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नत किया जाएगा।
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गोशालाओं का आर्थिक सुदृढीकरण:
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100 गोशालाओं को रियायती दर पर गोकाष्ठ मशीनें।
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राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और 35 महिला शक्ति पोल्ट्री समूहों के लिए 10 लाख रुपए अनुदान।
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देवस्थान विभाग और धार्मिक गतिविधियाँ:
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वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना: 6 हजार वरिष्ठजन हवाई यात्रा और 50 हजार एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा।
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धर्मशालाओं का जीर्णोद्धार और निर्माण बीओटी नीति के तहत।
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प्रमुख त्यौहारों के लिए मंदिरों में विशेष साज-सज्जा और आरती कार्यक्रम के लिए 13 करोड़ रुपये, 10 मंदिरों में 10 करोड़ रुपये के कार्य।
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कुमावत ने कहा कि बजट के ये प्रावधान न केवल किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाएंगे बल्कि डेयरी और पशुधन क्षेत्र के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इन कदमों से राजस्थान का पशुपालन और डेयरी सेक्टर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा।
