लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
सरकारी कार्रवाई के विरोध में 2 नवंबर से चक्का जाम की चेतावनी
जयपुर। राजस्थान में निजी बस संचालकों ने सरकार की सख्त कार्रवाई के विरोध में आज से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। बस ऑपरेटरों ने आरोप लगाया है कि सरकार लगातार चालान काट रही है और बसों को सीज़ कर रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हड़ताल में लगभग 8 हजार स्लीपर बसें शामिल हैं। इन बसों से रोजाना करीब 3 लाख यात्री यात्रा करते हैं, जिसके चलते आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हालिया हादसों के बाद बढ़ी सख्ती
गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान में दो बड़े सड़क हादसों ने राज्य को झकझोर दिया था।
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जोधपुर हादसा: बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई थी।
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मनोहरपुर हादसा: बस में आग लगने से 2 लोगों की मौत हुई।
इन घटनाओं के बाद सरकार ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शुरू की। परिवहन विभाग ने कई बसों के चालान काटे और नियम विरुद्ध चल रही बसों को सीज़ किया।
बस ऑपरेटरों का विरोध और चेतावनी
राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने सरकार की कार्रवाई को “अनुचित और एकतरफा” बताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 2 नवंबर से पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेंगे।
साहू ने कहा, “हम सुरक्षा नियमों का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन सरकार बिना सुनवाई के बसों को जब्त कर रही है। यह फैसला हजारों परिवारों की आजीविका पर असर डाल रहा है।”
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के चलते दिवाली सीजन में यात्रा करने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को टिकट रद्द करनी पड़ी, वहीं कुछ बस स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ देखी गई।
सरकार का रुख
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि केवल नियम विरुद्ध बसों पर ही कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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राजस्थान में निजी बस संचालकों की राज्यव्यापी हड़ताल आज से शुरू
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8,000 स्लीपर बसें संचालन से बाहर, रोजाना 3 लाख यात्रियों पर असर
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हाल ही में जोधपुर और मनोहरपुर बस हादसों के बाद सरकार की सख्ती
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बस ऑपरेटरों की चेतावनी — 2 नवंबर से पूरे प्रदेश में चक्का जाम
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सरकार बोली — “सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं”
राजस्थान में निजी बस संचालकों ने सरकारी सख्ती और चालान कार्रवाई के विरोध में आज से हड़ताल शुरू कर दी है।
राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि परिवहन विभाग लगातार बसों के चालान काट रहा है और सीज कार्रवाई कर रहा है, जिससे निजी परिवहन व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि राज्यभर में करीब 8,000 स्लीपर बसों का संचालन रोक दिया गया है, जिससे प्रतिदिन करीब 3 लाख यात्रियों की यात्रा प्रभावित हो रही है।
पृष्ठभूमि: दो बड़े हादसों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में दो भीषण हादसों के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ाई है —
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जोधपुर: बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत।
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मनोहरपुर: बस हादसे में 2 यात्रियों की जान गई।
इन घटनाओं के बाद सरकार ने सभी निजी बसों की जांच शुरू की और नियम विरुद्ध बसों पर कार्रवाई की।
बस ऑपरेटरों की मांगें
बस संचालकों का कहना है कि
“हम सुरक्षा मानकों का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन सरकार बिना सुनवाई के हमारी बसें सीज कर रही है। हमें नियम सुधारने का समय दिया जाए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 2 नवंबर से पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा।
यात्रियों को हो रही परेशानी
हड़ताल से त्योहारों के सीजन में यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
कई यात्रियों को टिकट रद्द करनी पड़ी, वहीं कुछ ने ट्रेन या रोडवेज बसों का रुख किया।
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे शहरों के बस स्टैंडों पर अफरातफरी का माहौल है।
️ सरकार का रुख
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि
“केवल नियम विरुद्ध बसों पर ही कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।”