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राजस्थान का 1962‑एमवीयू चैटबॉट देशभर में सराहा, महाराष्ट्र ने भी अपनाने का लिया निर्णय

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लोक  टुडे न्यूज नेटवर्क

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के निर्देशन में संचालित 1962‑एमवीयू राजस्थान चैटबॉट को देशभर में सराहना मिल रही है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री  एस.पी. सिंह बघेल ने 8 सितंबर 2025 को आकस्मिक रूप से इस चैटबॉट पर संपर्क कर टेली कंसलटेंसी सेवा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राजस्थान सरकार के नवाचार की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य राज्यों में अपनाने योग्य बताया और मुख्यमंत्री व मंत्री के प्रयासों की सराहना की।

महाराष्ट्र ने भी अपनाने का निर्णय लिया

केंद्रीय मंत्री से पहले महाराष्ट्र सरकार ने भी इस मॉडल को सराहा है। 4 सितंबर 2025 को महाराष्ट्र के कृषि, पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य विभाग के उप सचिव एम.बी. माराले ने अपने प्रदेश में “1962 महापशुधन संजीवनी” एप के माध्यम से वाट्सएप चैटबॉट सेवा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है 1962‑एमवीयू राजस्थान चैटबॉट?

पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि यह सेवा पशुपालकों को घर बैठे मोबाइल पर पशु चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराती है। चैटबॉट का नंबर 9063475027 है, जहाँ से पशुपालक बीमार पशुओं के इलाज, विभागीय योजनाओं की जानकारी, गूगल मैप पर संस्थाओं का स्थान और टेली कंसलटेंसी के माध्यम से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। वीडियो कॉल द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों को भी तुरंत उपचार और प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा मिलती है।

अब तक 48,000 पशुपालक लाभांवित

सातों दिन सुबह 6 से शाम 6 बजे तक सक्रिय इस सेवा में कॉल सेंटर पर तैनात 7 पशु चिकित्सकों की टीम पशुपालकों को मदद प्रदान कर रही है। सेवा शुरू होने के बाद अब तक 48,000 से अधिक पशुपालकों ने इसका लाभ लिया है, जबकि 8,600 से अधिक ने वीडियो टेली कंसलटेंसी के माध्यम से विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया है।
यह चैटबॉट बीएफआईएल, इंडसइंड बैंक और राजस्थान पशुपालन विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है।

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