लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
547.58 करोड़ के कारोबार और 77.65 करोड़ के ITC पर सवाल, 4.65 करोड़ की ITC ब्लॉक; 16 जॉन की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
जयपुर। (लोक टुडे न्यूज नेटवर्क, रूपनारायण सांवरिया)
राजस्थान में फर्जी फर्मों के जरिए कर चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित दुरुपयोग के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के 16 जॉन की संयुक्त टीमों ने सोमवार सुबह 10 बजे से देर रात तक अभियान चलाकर संदिग्ध फर्मों की जांच की।
विभागीय जांच में कुल 137 फर्मों का परीक्षण किया गया। इनमें 106 फर्में फर्जी पाई गईं। इन फर्मों के कारोबार, ITC के उपयोग और ITC लेजर की जांच में विभाग को बड़े पैमाने पर कर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
106 फर्जी फर्मों ने किया 547.58 करोड़ का कारोबार
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 106 चिन्हित फर्जी फर्मों का कुल कारोबार 54,758.41 लाख रुपए यानी करीब 547.58 करोड़ रुपए रहा।
इन फर्मों से संबंधित 7,765.02 लाख रुपए यानी करीब 77.65 करोड़ रुपए के ITC को जांच के दायरे में लिया गया। वहीं इन फर्मों के ITC लेजर में उपलब्ध राशि 806.93 लाख रुपए थी।
जांच के दौरान विभाग ने 464.94 लाख रुपए यानी करीब 4.65 करोड़ रुपए की ITC राशि ब्लॉक की है।
राज्य और केंद्र क्षेत्राधिकार में सामने आया बड़ा अंतर
106 फर्जी फर्मों में 78 फर्में राज्य क्षेत्राधिकार और 28 फर्में केंद्र क्षेत्राधिकार के अंतर्गत मिलीं।
राज्य क्षेत्राधिकार वाली 78 फर्मों का कारोबार 46,000.59 लाख रुपए रहा, जबकि संबंधित ITC राशि 6,027.98 लाख रुपए रही।
वहीं केंद्र क्षेत्राधिकार की 28 फर्मों का कारोबार 8,757.82 लाख रुपए और संबंधित ITC राशि 1,737.04 लाख रुपए रही।
31 वास्तविक फर्में भी जांच के दायरे में
अभियान में 31 ऐसी फर्मों का भी परीक्षण किया गया, जिन्हें विभाग ने वास्तविक पाया। हालांकि इनके मामलों में भी कर अनियमितताएं सामने आईं।
इन 31 फर्मों का कुल कारोबार 1,892.62 लाख रुपए यानी करीब 18.93 करोड़ रुपए रहा। इनसे संबंधित 225.83 लाख रुपए यानी करीब 2.26 करोड़ रुपए का ITC जांच में शामिल रहा।
इन फर्मों के ITC लेजर में 77.45 लाख रुपए उपलब्ध थे और जांच के दौरान 17.60 लाख रुपए की ITC ब्लॉक की गई।
इनमें 25 फर्में राज्य और 6 फर्में केंद्र क्षेत्राधिकार से संबंधित हैं। राज्य क्षेत्राधिकार की फर्मों का कारोबार 1,250.70 लाख रुपए, जबकि केंद्र क्षेत्राधिकार वाली फर्मों का कारोबार 641.92 लाख रुपए रहा।
फर्जी पंजीयन से लेकर ITC ट्रांसफर तक निगरानी
वाणिज्यिक कर विभाग की नजर फर्जी पंजीयन, बिना वास्तविक कारोबार के इनवॉइस जारी करने, अपात्र ITC का लाभ लेने और ITC को आगे ट्रांसफर करने जैसी गतिविधियों पर है।
विभाग तकनीकी और डेटा आधारित जांच के माध्यम से संदिग्ध फर्मों की पहचान कर उनके पंजीयन, वास्तविक कारोबार और ITC लेन-देन का सत्यापन कर रहा है।
ईमानदार कारोबारियों को राहत, फर्जी नेटवर्क पर सख्ती
विभाग का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करना और कर चोरी तथा फर्जी ITC के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
जांच में सामने आए संदिग्ध मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
137 फर्मों की जांच में 106 के फर्जी मिलने और करोड़ों रुपए के कारोबार व ITC के जांच के दायरे में आने से साफ है कि विभाग अब डेटा आधारित कार्रवाई के जरिए फर्जी ITC नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
