लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर ट्वीट कर कहा है कि मोदी सरकार की असहिष्णुता और तानाशाही प्रवृत्ति अब चरम पर पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि केन्द्र सरकार ने एक्स और इंस्टाग्राम को प्रधानमंत्री पर बने व्यंग्य और आलोचनात्मक पोस्ट हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं। एक मजबूत लोकतंत्र में आलोचना और व्यंग्य का स्वागत होना चाहिए, लेकिन सच और सवालों से इतना डरना यह दर्शाता है कि यह सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में अपना विश्वास खो चुकी है। इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सेंसरशिप की इस कुल्हाड़ी से वो दक्षिणपंथी (Right-wing) समर्थक भी नहीं बच पाए, जो अक्सर सरकार का अंधा बचाव करते हैं। UGC के नए नियमों पर सवाल उठाने मात्र से उनके अकाउंट्स भी ब्लॉक कर दिए गए। यहां तक की कई दक्षिणपंथी इन्फ्ल्यूएंसरों के घर पर पुलिस ने जाकर उन्हें धमकाया। यह स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार को न तो किसी विचारधारा और न ही उनके समर्थकों से भी कोई लगाव नहीं है। इन्हें सिर्फ सवाल न पूछने वाली ‘अंधी चापलूसी’ चाहिए। भाजपा के समर्थकों की भी यह सोचना चाहिए कि ये देश में हो क्या रहा है। देश में यह अघोषित आपातकाल बेहद चिंताजनक है।















































