लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकला। भीषण गर्मी के दौर में पक्षियों के सामने खड़े जल संकट को देखते हुए वरिष्ठ अध्यापक एवं पर्यावरण प्रेमी अनिल कुमार टाक की ओर से संचालित “परिंडा मुहिम” क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जीव दया का प्रेरक अभियान बनकर उभर रही है। अभियान के तहत मंगलवार देर शाम विभिन्न मंदिरों में पक्षियों के लिए पानी के परिंडे वितरित किए गए।
पादूकला के बास्सी की ढाणी स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंदिर कमेटी को परिंडे भेंट किए गए। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को पक्षी संरक्षण, जीव दया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया।
मंदिर पदाधिकारियों ने अनिल कुमार टाक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना न केवल मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी निर्वहन है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर कमेटी की ओर से अनिल कुमार टाक एवं उनकी टीम का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इसके बाद टीम ने पद्मावती नगर स्थित श्री श्याम मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन किए तथा मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए परिंडे स्थापित किए। इस दौरान श्याम मित्र मंडल विकास समिति एवं मंदिर कमेटी को भी परिंडे भेंट किए गए।
अनिल कुमार टाक ने बताया कि उनकी परिंडा मुहिम के तहत अब तक मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों को 351 परिंडे वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी उपलब्ध कराना और समाज में जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है।
उन्होंने आमजन से भी अपने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की अपील की, ताकि बढ़ते तापमान के बीच पक्षियों को राहत मिल सके।
इस अवसर पर बजरंग सोनी, नेमाराम लटियाल, विवेक कुमार चौहान, मुंशी मुश्ताक ठेकेदार, पुखराज शास्त्री, श्याम सुंदर दाधीच, कैलाश चंद सोनी, राजेंद्र कुमार टेलर, नेनाराम खटकड़, पवन कुमार सेन, प्रदीप कुमार टेलर, शिवराज गोरा, मुरली माकड़, नंदाराम माकड़, दीपक तिवाड़ी, अरविंद उपाध्याय, दीपक गोड, लक्ष्मणराम भाटी, बस्तीराम प्रजापत, मनीष प्रजापत और नवरत्न सेन सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त एवं युवा मौजूद रहे।
पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देने वाली यह पहल क्षेत्र में सराहना का विषय बनी हुई है।