लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बालोतरा/समदड़ी। बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में पहाड़ियों पर कथित रूप से अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों के उपयोग से खनन किए जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण आसपास के निर्माणाधीन और पुराने मकानों में दरारें पड़ रही हैं, जबकि पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ललेची माता मंदिर के पीछे स्थित पहाड़ी तथा अडियारी भाखरी क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि खनन के दौरान भारी विस्फोट किए जाते हैं, जिससे तेज धमाकों के साथ पत्थर दूर-दूर तक उछलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। इससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विस्फोटों से निकलने वाली धूल और मिट्टी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। वहीं बरसात के दौरान खनन से बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से पशुओं और बच्चों के लिए भी हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। उनका कहना है कि रात्रि चौपाल के दौरान तत्कालीन जिला कलेक्टर को भी इस मामले से अवगत कराया गया था और जांच का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनन क्षेत्र के आसपास स्थित ललेची माता मंदिर, अडियारी भाखरी स्थित भुरिया बाबा मंदिर, 33 केवी विद्युत उपकेंद्र तथा रेलवे लाइन के निकट भी विस्फोट किए जाते हैं। उनका कहना है कि इससे धार्मिक स्थलों, विद्युत संरचनाओं और रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर भी संभावित खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और खान विभाग से मांग की है कि संबंधित खदानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि खनन कार्य नियमानुसार हो रहा है या नहीं तथा विस्फोटकों के उपयोग के लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति उपलब्ध है या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे ललेची माता एवं भुरिया बाबा मंदिर सहित क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।