लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर/मेड़ता। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के संदर्भ में ओरण संरक्षण और उनके पारिस्थितिक महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कृषि एवं पारिस्थितिकी विकास संस्थान (कृपाविस) ने विशेष यात्रा का आयोजन किया।
इस अभियान में लूनी नदी के उद्गम क्षेत्र पुष्कर (अजमेर) एवं उसके आसपास के नागौर जिले के विभिन्न गांवों से 25 प्रतिनिधि (महिला एवं पुरुष) शामिल हैं। यात्रा का शुभारंभ करके यह दल 9 मार्च 2026 को आईनाथ माता ओरण, सोढाकोर (जैसलमेर) में पहुँचा। यहां जैसलमेर जिले के स्थानीय ओरण प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
कृपाविस के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह यात्रा अगले तीन दिन जैसलमेर जिले के विभिन्न ओरणों जैसे रामदेवरा, डेलासर, हमीरा, केरालिया और भादरिया में जाकर स्थानीय समुदायों से बातचीत करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य ओरण संरक्षण, जल संरक्षण और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन के प्रति ग्रामीण और शहरी समुदायों में जागरूकता बढ़ाना है।
इस पहल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने और ग्रामीण समुदायों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील बनाने की उम्मीद की जा रही है।
