लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
टाइगर हिल से द्रास तक तिरंगा फहराने वाले वीरों को नमन, सैनिकों और परिवारों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कारगिल विजय भारत के गौरव, पराक्रम, शौर्य और अदम्य राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना के वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में जिस साहस और शौर्य का परिचय दिया, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। टाइगर हिल से लेकर टोलोलिंग, बटालिक से द्रास तक भारतीय जवानों ने हर चोटी पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया।
मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित कारगिल विजय दिवस शौर्य संध्या कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि ऑपरेशन विजय केवल एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह पूरे भारत के आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की विजय थी।
18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ी गई थी ऐतिहासिक लड़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान की साजिश का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया। हमारे सैनिकों ने 15 से 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लगभग 85 दिनों तक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में युद्ध लड़ा।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक ठंड, कम ऑक्सीजन और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के बावजूद भारतीय जवानों के हौसले में कोई कमी नहीं आई। कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट सौरभ कालिया जैसे वीर योद्धाओं ने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर देश की रक्षा की।
उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में भारत के 527 वीर सपूत शहीद हुए और 1300 से अधिक जवान घायल हुए। राजस्थान के भी 58 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना बलिदान दिया।
“जिस सेना का मनोबल हिमालय से ऊंचा हो, उसे कोई झुका नहीं सकता”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने यह साबित किया कि जिस देश की सेना का मनोबल हिमालय से भी ऊंचा हो, उस राष्ट्र को कोई शक्ति झुका नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति मजबूत हुई है। देश की सेनाएं आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली से सुसज्जित हो रही हैं।
तेजस और ब्रह्मोस आत्मनिर्भर भारत की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। तेजस लड़ाकू विमान और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों में स्वदेशी तकनीक का उपयोग भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत दुश्मन को जवाब देने में सक्षम है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने दुनिया को भारत की नई सुरक्षा नीति और सामर्थ्य से परिचित कराया है।
सैनिकों और परिवारों का सम्मान हमारा दायित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि युद्ध बलिदानियों के आश्रितों और शौर्य पदक विजेताओं को 25-25 बीघा भूमि आवंटित की गई है। वहीं बलिदानी योद्धाओं के 154 आश्रितों और अन्य वीर सैनिकों के 47 आश्रितों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी गई है।
पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर 418 शिविर आयोजित कर 1,228 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। रेक्सको के माध्यम से पूर्व सैनिकों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जयपुर में हुआ ऐतिहासिक सेना दिवस परेड का आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि 78वें सेना दिवस परेड का आयोजन जयपुर में होना राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। इस दौरान भारतीय सेना ने अपनी आधुनिक सैन्य क्षमता, शौर्य और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का प्रदर्शन किया।
“कारगिल केवल इतिहास नहीं, राष्ट्रभक्ति की जीवंत पाठशाला है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल केवल एक युद्ध की घटना नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की जीवंत पाठशाला है।
उन्होंने कहा कि सेना की गौरवशाली गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भारतीय सेना की वॉर ट्रॉफीज को स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में स्थापित किया जा रहा है, ताकि युवा वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों, वीर नारियों और सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों को रेक्सको के माध्यम से नियोजन पत्र भी प्रदान किए।
सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि कारगिल युद्ध केवल सैन्य विजय नहीं, बल्कि भारत के व्यक्तित्व और सामूहिक संकल्प की विजय थी। उन्होंने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा जैसे वीरों ने अपने बलिदान से देश को सुरक्षित रखा। सैनिकों के लिए “नाम, नमक और निशान” देश सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
कार्यक्रम में कारगिल युद्ध और शहीदों पर कविता पाठ हुआ। भारतीय सेना के बैंड ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां देकर माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वीर शहीदों के परिजन, वीर नारियां और बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
लोक टुडे विशेष
कारगिल विजय दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश के उन वीरों को याद करने का अवसर है जिन्होंने अपने साहस और बलिदान से भारत की अखंडता की रक्षा की। आज का भारत उनके त्याग को सम्मान देते हुए मजबूत, आत्मनिर्भर और सुरक्षित राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है।













































