लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
11 वर्षों की हरित साधना बनी मिसाल:
श्री गणेश वाटिका विकास समिति का अनूठा अभियान, पौधों के संरक्षण के साथ पक्षियों और पशुओं के लिए भी लगातार सेवा
नैनवां (बूंदी)। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नैनवां के युवाओं की 11 वर्षों की सतत मेहनत आज प्रेरणादायी मिसाल बन गई है। वर्ष 2015 में 16 युवाओं द्वारा शुरू किया गया पौधारोपण अभियान अब जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बन चुका है। बड़े तालाब की पाल स्थित कुंवर में सिंह जी महाराज की छतरी एवं गणेशजी मंदिर के पीछे की खाली भूमि आज घने और छायादार वृक्षों से आच्छादित हरित क्षेत्र में बदल चुकी है।
श्री गणेश वाटिका विकास समिति के तत्वावधान में अब तक 300 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जो आज विशाल वृक्ष बनकर क्षेत्र को हरियाली, शुद्ध वातावरण और प्राकृतिक छाया प्रदान कर रहे हैं। समिति ने इस वर्ष भी अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए बरगद, पीपल, गुलमोहर, कचनार और सहजन सहित विभिन्न प्रजातियों के 16 नए पौधे रोपे तथा सभी पौधों को ट्री गार्ड लगाकर सुरक्षित किया।
समिति का गठन दिवंगत साथी स्वर्गीय कुंवर कर्मवीर सिंह (भगवान बन्ना) की स्मृति में किया गया था। तभी से समिति हर वर्ष पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प निभा रही है। समिति ने श्री गणेश वाटिका के बाद रिद्धि-सिद्धि वाटिका का भी विकास किया, जहां अब तक 125 से अधिक पौधे वृक्षों का रूप ले चुके हैं।
पर्यावरण संरक्षण के साथ समिति जीव संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। स्वयं के खर्च और जनसहयोग से पौधों एवं पशुओं के लिए पानी की दो खेल (टंकियां) बनाई गई हैं। वहीं पिछले आठ वर्षों से प्रतिदिन पक्षियों के लिए चुग्गा डालने की सेवा भी निरंतर जारी है।
समिति के सदस्य नियमित रूप से पौधों की सिंचाई, देखभाल और संरक्षण का कार्य कर रहे हैं, जिससे लगाए गए अधिकांश पौधे आज बड़े वृक्ष बन चुके हैं।
पौधारोपण कार्यक्रम में अरविंद शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, पंकज सुमन, भंवर सिंह सोलंकी, अश्विनी शर्मा, डॉ. लक्ष्मी प्रकाश नागर, राधाकृष्ण शर्मा, दामोदर नागर, रमेश सेन, संजय शर्मा, राजू सेन, बाबूलाल माली, किशन माली, मिथिलेश्वर गुर्जर, बंसी माली, आदित्य पाराशर, जगदीप सिंह, जगदीश सैनी, हनुमान माली, विशाल शर्मा, गिरिराज चौधरी, सीताराम चौधरी, सुरेंद्र यादव, आमीन खान, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
