लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मोहब्बत और भाईचारे का दिया संदेश
तहसील चौक से निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी, बड़ी संख्या में छात्र, बुजुर्ग और आमजन हुए शामिल; दरगाह सूफी साहब पहुंचकर हुआ समापन
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का पर्व नागौर शहर में प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शहर में जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग और आमजन शामिल हुए।
शहर काजी मोहम्मद मेराज उस्मानी ने तहसील चौक पर हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया। इस दौरान शहर के कई गणमान्य लोग और धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
तहसील चौक से निकला जुलूस
जुलूस तहसील चौक से रवाना होकर सदर बाजार, काजियों का चौक, बाजारवाड़ा, गिनाणी तालाब होते हुए दरगाह सूफी साहब के तिराहे पहुंचा। इसके बाद जुलूस माही दरवाजे के अंदर से लोहारपुरा और मोहम्मदपुरा होते हुए दरगाह सूफी साहब पहुंचा।
जुलूस में विभिन्न मुस्लिम एनजीओ द्वारा संचालित स्कूलों, मदरसों और दारुल उलूम में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। बुजुर्गों और आमजन की मौजूदगी से आयोजन में उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक एवं सामाजिक संदेशों से गूंजा आयोजन
दरगाह सूफी साहब पहुंचने के बाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं और आलिमों ने हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर संक्षिप्त विचार व्यक्त किए।
इस दौरान नात-ए-पाक भी प्रस्तुत की गईं। वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं के माध्यम से प्रेम, मानवता, आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
प्रतिभाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रस्तुतियों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
दरगाह सूफी साहब के सदर शमशेर खान ने प्रतिभागियों को इनामात से नवाजा। जुलूस में बेहतर व्यवस्था करने वाले लोगों तथा आकर्षक झांकियां सजाने वालों की भी हौसला अफजाई की गई।
शहर काजी की ओर से भी आयोजन में विशेष योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
जुलूस के दौरान दरगाह बड़े पीर साहब के सज्जादानशीन सैय्यद सदाकत अली जिलानी, वक्फ कमेटी दरगाह सूफी साहब के सदर शमशेर खान, वक्फ कमेटी मदरसा हनफिया सुफिया के सदर सैय्यद सदाकत अली सुलेमानी, दारुल उलूम सुफिया हमीदिया के सदर याकूब खान, नायब शहर काजी मुफ्ती सादिक उस्मानी, मुफ्ती मोहम्मद इमरान अशफाकी, असगर कुरैशी, शरीफ कुरैशी, शकील ताकली और मोहम्मद अली अंसारी सहित शहर के कई मौअज्जिज लोग मौजूद रहे।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
जुलूस को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। जुलूस के मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
प्रशासन की निगरानी में जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए शांतिपूर्ण तरीके से दरगाह सूफी साहब पहुंचा और कार्यक्रम के बाद इसका समापन किया गया।
प्रेम और भाईचारे का संदेश
नागौर में आयोजित जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के दौरान धार्मिक आस्था के साथ प्रेम, सौहार्द, मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी और शहर में निकले जुलूस ने आयोजन को भव्य रूप दिया।
दरगाह सूफी साहब में आयोजित कार्यक्रम के बाद पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह के साथ जुलूस का समापन हुआ।



















































