लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर। नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों और उनके परिजनों पर पुलिस एवं प्रशासन के माध्यम से कथित दबाव बनाए जाने तथा सरकारी मशीनरी के राजनीतिक दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी सूचनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाने और उन्हें राजनीतिक रूप से प्रभावित करने के प्रयास किए जाने की बात कही जा रही है। कांग्रेस ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का लगाया आरोप
ज्ञापन में कहा गया कि यदि निर्वाचित पार्षदों या उनके परिजनों पर राजनीतिक उद्देश्य से दबाव बनाया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र चुनावी प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस ने मांग की कि पार्षदों और उनके परिजनों पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव या उत्पीड़न तत्काल रोका जाए।
कांग्रेस ने पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई को कानून के अनुरूप और निष्पक्ष रखने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी पार्षद अथवा उसके परिजन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने पुलिस या प्रशासन के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा घटना की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। साथ ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
कांग्रेस ने राज्यपाल से पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने तथा निष्पक्ष प्रशासन और कानून के शासन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
इस दौरान पीसीसी सचिव आईदानराम भाटी, भंवरलाल खुडखुड़िया, भंवरलाल बेनीवाल, ताजाराम, भानूप्रकाश सैनी, शिवदयाल गोलियां, नकुल सैनी, रामसिंह बेनीवाल, अबरार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
