लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जिला: डीडवाना नावां | लोकेशन: नावां शहर | रिपोर्टर: मनीष पारीक
नावां क्षेत्र के खाखड़की से छापरी मार्ग पर पानी निकासी की भारी अनदेखी सामने आई है। नई सड़क निर्माण के दौरान जहां कम से कम 10 नालों की आवश्यकता थी, वहां केवल दो छोटे नाले बनाए गए—वह भी महज़ 2.5 फीट चौड़े, जबकि नियमानुसार नालों की चौड़ाई 4 फीट होनी चाहिए थी।
सड़क पर पानी का कहर
भारी बारिश और आसपास के गांवों—खासकर दूदू सहित लगभग 50 किलोमीटर क्षेत्र—से आए पानी ने सड़क को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है। खेतों में 6-7 फीट तक पानी भर गया है और सड़क के टूटने की स्थिति बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश जारी रही तो 1-2 दिन में यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे छापरी और खाखड़की ग्राम का संपर्क टूट जाएगा।
“श्रीलंका” कहे जाने वाले खाखड़की पर संकट
खाखड़की गांव, जिसे “श्रीलंका” के नाम से भी जाना जाता है और जो सांभर झील के आखिरी मुहाने पर बसा है, वहां भी लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। गांव का आवागमन बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।
ग्रामीणों की चिंता
स्थानीय निवासी प्रभुराम बुगालिया ने बताया कि पानी की आवक इतनी तेज है कि 1-2 दिन में सड़क पूरी तरह बह सकती है और रास्ता बंद होना तय है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पानी निकासी के उपाय नहीं किए गए तो न केवल सड़क, बल्कि किसानों की फसलें और जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
