लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के संचालन मंडल की 82वीं साधारण बैठक गुरुवार को पंत कृषि भवन के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने की। बैठक में संस्था के अधिकारियों के साथ प्रगतिशील कृषक सदस्यों ने भी भाग लिया और बीज उत्पादन तथा प्रमाणीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रगतिशील किसान सदस्य हंसराज मीणा और रणछोर पाटीदार ने किसानों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों को प्रमुखता से रखा। इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए अध्यक्ष मंजू राजपाल ने कृषक हितों को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनसे प्रदेश के बीज उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
जीओटी नमूनों की प्रक्रिया होगी अधिक वैज्ञानिक
बैठक में निर्णय लिया गया कि बीज प्रमाणीकरण के अंतर्गत ग्रो आउट टेस्ट (GOT) के लिए लिए जाने वाले बीज नमूनों का संग्रह निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इससे परीक्षण की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
जांच प्रक्रिया में आएगी तेजी
किसानों को समय पर परिणाम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीज प्रयोगशाला जांच और जीओटी नमूना जांच को समानांतर रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया। इससे प्रमाणीकरण प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी आएगी और किसानों को शीघ्र लाभ मिल सकेगा।
अधिक उपज पर मिलेगी अतिरिक्त रॉ-बीज इंटेक की सुविधा
बैठक में यह भी तय किया गया कि किसी किसान के खेत में अनुमानित उत्पादन से अधिक उपज प्राप्त होने पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त रॉ-बीज इंटेक की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी होगा जो बेहतर कृषि प्रबंधन और तकनीकों के माध्यम से अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
क्रॉप कैलेंडर में होगा संशोधन
बीज प्रमाणीकरण के लिए लागू क्रॉप कैलेंडर में आवश्यक संशोधन करने का भी निर्णय लिया गया। इससे विभिन्न फसलों के बीज समय पर प्रमाणित होकर किसानों तक पहुंच सकेंगे और कृषि कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
बैठक को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों से बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा किसान हितैषी बनेगी।
बैठक में उपस्थित कृषक प्रतिनिधियों ने किसान हित में लिए गए इन निर्णयों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार और कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
