लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उनियारा से मिली रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को खाद वितरण के समय विक्रेताओं द्वारा खाद के साथ अनचाहे अटैचमेंट देने की समस्या को लेकर डॉ. ललित मीना ने राजस्थान विधानसभा में सवाल उठाया।
विधायक ने पूछा कि खाद के साथ जबरदस्ती अटैचमेंट देने की प्रथा से किसानों पर आर्थिक भार पड़ता है और सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठा रही है।
कृषि मंत्री ने दिया जवाब
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि किसानों को खाद के साथ नैनो यूरिया, डीएपी बोतल, जिंक की थैली जैसी अटैचमेंट बिना आवश्यकता के दी जाती हैं। इस पर सरकार और कृषि विभाग द्वारा विक्रेताओं व अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक विक्रेता के पास विभागीय अधिकारियों और कार्मिकों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है।
इसके अलावा, फर्टिलाइजर रेगुलेटिंग टास्क फॉर्स के माध्यम से राज्य व जिला स्तर पर कालाबाजारी रोकने और उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मंत्री ने बताया कि राज्य में उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 11,938 स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया और 18,319 उर्वरक नमूने लिए गए। इसके तहत 765 फर्मों को कारण बताओ नोटिस, 360 विक्रेताओं के वितरण पर रोक और 169 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
आगे की कार्रवाई
विधायक के पूरक प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि अगर कोई किसान अटैचमेंट नहीं लेता तो खाद भी नहीं मिलती, ऐसी शिकायतों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सूरतगढ़ में स्वयं छापा भी मारा गया है। भविष्य में ऐसी कोई भी शिकायत मिलने पर प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को खाद के साथ जबरदस्ती अटैचमेंट नहीं देने के लिए आदेश जारी हैं और कई विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
















































