लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजसमंद। (गौतम शर्मा) राजसमंद जिले की कुंवारिया तहसील के छोटे से गांव महासतियों की मादड़ी की रहने वाली रतनी गुर्जर ने अपनी मेहनत और हौसले से एक नई मिसाल कायम की है। उनका चयन रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) में बतौर कमांडो हुआ है।
गांव के इतिहास में पहली सरकारी नौकरी
रतनी की यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है क्योंकि उनके गांव के इतिहास में अब तक कोई भी व्यक्ति—चाहे महिला हो या पुरुष—सरकारी नौकरी में नहीं रहा। रतनी न केवल गांव की पहली सरकारी कर्मचारी बनी हैं, बल्कि उन्होंने सीधे कमांडो जैसे चुनौतीपूर्ण पद को हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
किसान पिता का सपना हुआ साकार
रतनी के पिता शंकर लाल गुर्जर एक साधारण किसान हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को पंख दिए। बेटी की इस सफलता से पूरे परिवार और गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि रतनी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।
बंगाल में होगी ट्रेनिंग
चयन के बाद अब रतनी की ट्रेनिंग पश्चिम बंगाल में स्थित 16वीं महिला बटालियन में होगी। कड़ी मेहनत और शारीरिक परीक्षणों को पार करने के बाद अब वह देश की रेल संपत्तियों और यात्रियों की सुरक्षा में कमांडो के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगी।
युवतियों के लिए बनी प्रेरणा
रतनी गुर्जर ने अपनी सफलता पर कहा, “यह सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि पूरे गांव के भरोसे की जीत है। मैं चाहती हूं कि मुझे देखकर गांव की अन्य लड़कियां भी आगे आएं और देश सेवा का संकल्प लें।”
रतनी गुर्जर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह संदेश देती है कि मजबूत इरादों से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।













































