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गौ सेवा समाज और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी :  जोराराम कुमावत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भाटूंड़ में आयोजित ‘भामाशाह सम्मान समारोह-2026’ में 100 भामाशाहों का हुआ सम्मान

जयपुर/सुमेरपुर। जोराराम कुमावत ने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का विशेष महत्व है और गौसेवा आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति एवं पुण्य प्राप्ति का माध्यम मानी जाती है।

रविवार को विधानसभा क्षेत्र बाली के गांव भाटूंड़ स्थित श्री कृष्ण गौ-सेवा संस्था द्वारा आयोजित “भामाशाह सम्मान समारोह-2026” में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री कुमावत ने यह बात कही। कार्यक्रम में गौभक्तों, भामाशाहों एवं क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इस अवसर पर वर्ष 1997 में स्थापित गौशाला में सहयोग देने वाले 100 भामाशाहों का स्मृति चिन्ह, फूल-माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री कुमावत ने गौसंवर्धन और गौसंरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखते हुए समाज के लोगों से गौसेवा के लिए निरंतर आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि गाय को पहली रोटी खिलाना, चारा-पानी की व्यवस्था करना, घायल गायों का उपचार कराना तथा गौशालाओं को सहयोग देना गौ सेवा के प्रमुख रूप हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार गौसंरक्षण, गौसंवर्धन एवं गौशालाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

गोपालन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गौमाता के संरक्षण, पोषण और देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से गोपालन विभाग का गठन किया गया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से गौ संरक्षण का संकल्प लेकर सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

गौशाला अध्यक्ष कैलाश कुमावत ने बताया कि समारोह में एक लाख रुपये से अधिक का सहयोग देने वाले 21 स्वर्ण भामाशाहों तथा एक लाख रुपये से कम का सहयोग देने वाले 79 सिल्वर भामाशाहों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पूनम सिंह परमार, विक्रम सिंह राणावत, रणछोड़ लाल जोशी, भंवरलाल, भंवरलाल जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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