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गंगापुर सिटी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी 25 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

गंगापुर  -बनी सिंह मीना 

गंगापुर सिटी ।  भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी उपखण्ड में पदस्थापित खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

पदस्थापन स्थान से उसके मूल पदस्थापन स्थान पर पुनः लगाने के लिए  मांगी  रिश्वत 

एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक परिवाद प्राप्त हुआ था। परिवाद में शिकायत की गई थी कि परिवादिया को व्यवस्थार्थ पदस्थापन स्थान से उसके मूल पदस्थापन स्थान पर पुनः लगाने की एवज में 30,000 रुपये की रिश्वत राशि की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी द्वारा बार-बार दबाव बनाकर रिश्वत देने के लिए परेशान किया जा रहा था।

शिकायत का सत्यापन एसीबी टीम ने  मारी  रेड 

शिकायत का सत्यापन एसीबी टीम द्वारा गोपनीय रूप से किया गया। सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि आरोपी अधिकारी पहले ही 5,000 रुपये रिश्वत के रूप में प्राप्त कर चुका था। शेष 25,000 रुपये लेने की सहमति के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार की।

एसीबी भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में तथा एसीबी सवाई माधोपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। ट्रैप के दौरान आरोपी बत्तीलाल मीना, खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपखण्ड गंगापुर सिटी जिला सवाई माधोपुर को परिवादिया से 25,000 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों डिटेन किया गया।

कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के निर्देशन में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

मुकदमा दर्ज कर की  जांच  शुरू 

एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले में विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है, जिसमें आरोपी की भूमिका, पूर्व में की गई कार्यवाहियों तथा अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी शामिल है।

गौरतलब है कि इस कार्रवाई ने चिकित्सा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक मजबूत संदेश दिया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति के तहत ऐसी कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी।

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