लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (दुर्योधन मयंक)। उपखंड क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ सुथड़ा में केवल्य कमलापति देवाधिदेव चन्द्रप्रभु भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा और संतु जैन ने बताया कि चन्द्रप्रभु भगवान जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर हैं। इनका जन्म चंद्रपुरी (चंद्रावती) में राजा महासेन और रानी लक्ष्मणा देवी के घर इक्ष्वाकु वंश में हुआ था। चंद्रमा के समान श्वेत वर्ण और शीतल स्वभाव के कारण इन्हें ‘चन्द्रप्रभु’ कहा गया। युवावस्था में वैराग्य की प्राप्ति के पश्चात इन्होंने दीक्षा ली और केवलज्ञान प्राप्त कर मोक्ष (सम्मेदशिखर) प्राप्त किया।
इस अवसर पर शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक, नित्य अभिषेक और शांति धारा का आयोजन किया गया। वार्षिक शांति धारा में रमेशचंद, रौनक सर्राफ (जयपुर), सुरेश कुमार और अनिल कुमार (उनियारा) ने भाग लिया। द्वितीय शांति धारा का संचालन बाबूलाल और चंद्रप्रकाश मेहंदी वाले (उनियारा) ने किया।
इसके बाद देवशास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मुलनायक पूजा और चन्द्रप्रभु भगवान की पूजा के माध्यम से मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव संपन्न हुआ। शाम 6 बजे श्रेष्ठी परिवार और सोमवार भक्तामर मंडल उनियारा द्वारा भक्तामर दीपार्चना सानंदपूर्वक संपन्न की गई।
इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद और जैन धर्म की सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव कराया।