लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
KFC सहित कई नामचीन होटलों पर कार्रवाई, 80 किलो सड़ी ग्रेवी फेंकी; हॉस्टल मेस भी जांच के दायरे में
अजमेर। अजमेर में मिलावटखोरों और दूषित खाना परोसने वाले रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार मिलावट परिवार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ज्योत्सना रंगा के नेतृत्व में एक हफ्ते का विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से पूरे शहर के फूड बिजनेस संचालकों में हड़कंप मच गया है।
नामी होटलों की रसोई में मिली सड़ांध, मौके पर एक्शन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा और आनंद चौधरी की संयुक्त टीम ने जब होटल ओशो पालव, होटल केसर पैलेस, रिलीफ एंड गेस्ट हाउस और ऑर्किड रेस्टोरेंट के किचन पर छापा मारा, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। टीम को किचन में भारी गंदगी के साथ-साथ भयंकर बदबू आ रही थी। अधिकारियों ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए लगभग 80 किलोग्राम सड़ी और बदबूदार ग्रेवी व अन्य खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को मौके पर ही फिंकवाकर नष्ट करवा दिया। इन सभी जगहों से मसालों, दही और ग्रेवी के सैंपल लिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले इन होटल मालिकों को धारा 32 के तहत नोटिस थमाया जा रहा है।
मॉल से लेकर यूनिवर्सिटी मेस तक ताबड़तोड़ छापेमारी
विभाग की टीम ने शहर के हर कोने में फैले फूड पॉइंट्स को खंगाला। 7 से 10 सितंबर के बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई का पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
ब्रांडेड आउटलेट्स पर शिकंजा (8 सितंबर): मित्तल मॉल स्थित नामी फूड चेन KFC, संकल्प एक्सप्रेस, SVP और वाउ मोमो फूड की अचानक जांच की गई। यहाँ से कुकिंग ऑयल (तेल), ग्रेवी और पनीर के सैंपल भरे गए। इन्हें भी कमियों के लिए धारा 32 का नोटिस दिया जा रहा है।
स्टेशन और बस स्टैंड पर हड़कंप (7 सितंबर): रेलवे स्टेशन के सामने स्थित सुरुचि रेस्टोरेंट, ख्वाजा होटल, जय हिंद रेस्टोरेंट और बस स्टैंड के सामने संचालित देवनारायण रेस्टोरेंट की रसोई जांची गई और सैंपल लिए गए।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं (10 सितंबर): टीम ने अजमेर मेडिकल कॉलेज के पीजी बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल, माखुपुरा स्थित महिला इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मेस में औचक निरीक्षण किया। यहाँ छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए नमूनीकरण किया गया।
जन रसोई की भी जांच (9 सितंबर): आमजन और जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन और अन्नपूर्णा रसोई का भी बारीकी से निरीक्षण हुआ।
लैब रिपोर्ट आते ही दर्ज होगी FIR
अजमेर सीएमएचओ डॉ. ज्योत्सना रंगा ने सख्त लहजे में कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान के दौरान जब्त किए गए सभी सैंपल्स को खाद्य प्रयोगशाला अजमेर भेजा गया है। जैसे ही लैब से रिपोर्ट आएगी, मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।