लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अरांई (अजमेर)। अरांई ब्लॉक में साइबर ठगों ने चिकित्सा कर्मियों को निशाना बनाने का प्रयास किया, हालांकि समय रहते सतर्कता बरतने से किसी भी कर्मचारी के साथ ठगी की घटना नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार गोठियाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लैब टेक्नीशियन कमल किशोर जांगिड़ के पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को अजमेर कलेक्ट्रेट कार्यालय से नायब तहसीलदार अशोक मीणा बताया। कॉल करने वाले ने फील्ड स्टाफ और एएनएम के मोबाइल नंबर मांगने के साथ ही कुछ कर्मचारियों से 35 हजार रुपये खाते में जमा करवाने का दबाव बनाया।
मामले पर संदेह होने पर लैब टेक्नीशियन कमल किशोर जांगिड़ ने इसकी जानकारी लोक टुडे के पत्रकार उमेश शर्मा को दी। इसके बाद पत्रकार उमेश शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सतर्क किया और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे जमा नहीं कराने की सलाह दी। इस दौरान कथित नायब तहसीलदार के नाम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
इस संबंध में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में पहले नहीं था, लेकिन सूचना मिलने के बाद सभी चिकित्सा कर्मियों को तत्काल समूहों के माध्यम से सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी कर्मचारी वित्तीय लेन-देन न करे।
डॉ. वर्मा ने कहा कि यदि भविष्य में कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने चिकित्सा कर्मियों और आमजन से अपील की कि वे ऐसे साइबर ठगों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी तुरंत प्रशासन व पुलिस को दें।



















































