लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चौमहला (झालावाड़)। जिला स्वास्थ्य समिति झालावाड़ द्वारा एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) सघन मॉनिटरिंग अभियान के तहत डग ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौमहला में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था।
डग ब्लॉक के बीसीएमओ डॉ. राजकुमार वाघेला ने बताया कि रक्तदान शिविर एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है, जिसमें स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान कर दूसरों का जीवन बचाने में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर के दौरान कुल 92 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन तथा बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का परिचय दिया।
बीसीएमओ डॉ. वाघेला ने बताया कि रक्तदान के लिए व्यक्ति की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान की प्रक्रिया में मात्र 10 से 15 मिनट का समय लगता है। नियमित रक्तदान से रक्त संचार बेहतर रहता है और हृदय स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है। रक्तदान के बाद कुछ देर आराम करना, पर्याप्त पानी पीना तथा भारी सामान उठाने से बचना चाहिए।
शिविर के सफल आयोजन में बीसीएमओ डॉ. राजकुमार वाघेला, नर्सिंग ऑफिसर राजेश दिनकर, रवि अग्रवाल, प्रहलाद प्रजापति, राजेश सेन, अजय नाथ, रमन नीमा, गोपाल सिंह, जगदीश मेहर, श्याम राठौड़, एएनएम उर्मिला पंथी, फार्मासिस्ट सचिन झाला, लेखाकार अरविंद कौशिक, ऑपरेटर आशीष मालवीय, सफाईकर्मी सुनील राजोरिया, कान्ता बाई एवं अनिल राजोरिया सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। वहीं, झालावाड़ से आई रुधिरा ब्लड सेंटर की टीम भी पूरे शिविर के दौरान मौजूद रही।