लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) अखिल भारतीय खटीक समाज के 44वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन जयपुर स्थित कंस्टीट्यूशन क्लब में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के महामहिम राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े रहे। समारोह में उन्होंने समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद डॉ. मनोज राजोरिया एवं पूर्व विधायक वेद प्रकाश सोलंकी उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय खटीक समाज राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कांति लाल चंदेल ने की।
इस अवसर पर अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, समाज के प्रबुद्धजन, युवा एवं मातृशक्ति बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम में युवा प्रदेश अध्यक्ष रामसरूप सामरिया, राजस्थान गोल्डमैन कांजी खटीक, सीकर जिला अध्यक्ष सवारजी बागड़ी, राधेश्याम खोईवाल, राकेश चंदेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. सिप्पी महिंद्रा ने किया। स्वागत भाषण में प्रदेश अध्यक्ष कांति लाल चंदेल ने समाज के सभी वर्गों से संगठित होकर शिक्षा, सामाजिक उत्थान और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने खटीक समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज आज शिक्षा, उद्योग, व्यापार और सामाजिक सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व के लिए आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि समाज की मजबूती के लिए एकजुटता बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर समाज के भामाशाहों एवं प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और मानद डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त करने पर डॉ. ओ. पी. नेगी को महामहिम राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने डॉ. नेगी के समाज कल्याण और जनसेवा के कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
समारोह के समापन अवसर पर चित्तौड़ के संगठन महासचिव कालूराम खटीक ने सभी मंचासीन अतिथियों, पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा, संगठन और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ।