भीलवाड़ा में सेन सेवा संस्थान का तीन दिवसीय गरबा महोत्सव संपन्न 

0
7
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण का दिया संदेश

धार्मिक आस्था, गरबा-डांडिया और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, समाज की एकजुटता पर दिया जोर

सत्यनारायण सेन गुरला | भीलवाड़ा।

सेन सेवा संस्थान, भीलवाड़ा के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय गरबा नवरात्रि महोत्सव 20 अक्टूबर को भक्तिमय माहौल और सांस्कृतिक उत्साह के बीच संपन्न हुआ। 18 से 20 अक्टूबर तक चले इस आयोजन में मां जगदंबा की आराधना, भव्य महाआरती, गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने आकर्षण का केंद्र बनीं। महोत्सव में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, मातृशक्ति और गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयोजन ने सेन समाज की सांस्कृतिक विरासत, आपसी भाईचारे और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने के साथ महिला सशक्तीकरण एवं सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।

पहले दिन महिला सशक्तीकरण पर जोर

महोत्सव के प्रथम दिवस की अध्यक्षता जोधपुर से आए एसपीएल अध्यक्ष गजेंद्र सेन ने की। मास्टर दीपक विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां जगदंबा की महाआरती से हुई, जिसमें संस्थान के संरक्षकों, पदाधिकारियों, समाजबंधुओं और महिलाओं ने भाग लिया।

महिला मंडल की अध्यक्ष सोनू सेन गोरधा और संयोजिका शिमला सेन टोंकरवाड ने महिलाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए महिलाओं, युवाओं और सभी वर्गों का एकजुट होकर आगे बढ़ना जरूरी है।

दूसरे दिन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश

द्वितीय दिवस की अध्यक्षता क्षौरकार वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष लादू लाल सेन ने की। सेलून सिटी के अध्यक्ष गोविंद सेन मुख्य विशिष्ट अतिथि तथा कैलाश सेन रायला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। गोविंद सेन ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को एक मंच पर लाने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

लादू लाल सेन ने समाज के सभी वर्गों से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। अन्य वक्ताओं ने भी आपसी सहयोग, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकजुटता को समय की जरूरत बताया।

अंतिम दिन शिक्षा, संगठन और युवाओं की भागीदारी पर बल

महोत्सव के तीसरे दिन ओमप्रकाश सेन, ठेकेदार, मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। राजेश सेन नाकेदार अति विशिष्ट अतिथि रहे। शाहपुरा से रमेश सेन चेयरमैन और महावीर सेन अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि ओमप्रकाश सेन ने समाज की उन्नति के लिए शिक्षा, संगठनात्मक एकता और सामाजिक सहयोग को आवश्यक बताया। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और समाजहित के कार्यों में योगदान देने की अपील की। साथ ही सेन सेवा संस्थान को और अधिक सशक्त बनाने तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने पर जोर दिया।

अंतिम दिवस पर उपस्थित समाजबंधुओं ने सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

कार्यकारिणी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफल आयोजन

तीन दिवसीय महोत्सव की व्यवस्थाओं में संस्थान की कार्यकारिणी, पदाधिकारियों, आयोजन समिति और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम समन्वयक रामप्रसाद सेन आमेसर, कार्यक्रम निदेशक सुरेश सेन तंवर, कार्यक्रम प्रभारी रामलाल सेन धुवाला, मुख्य संरक्षक सोनू सेन गोरधा, ओमप्रकाश सेन टोंकरवाड, ललित सेन बनेकड़िया और मुख्य संस्था प्रभारी राकेश सेन सुभाष नगर सहित अन्य सदस्यों ने जिम्मेदारियां संभालीं।

कार्यकारिणी के सदस्यों और सहयोगकर्ताओं ने आपसी समन्वय से कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया। मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

समाज की एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संकल्प

सेन सेवा संस्थान की ओर से आयोजन में शामिल अतिथियों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं, कार्यकर्ताओं और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। संस्थान ने भविष्य में भी शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प जताया।

मां जगदंबा के जयकारों, गरबा-डांडिया की प्रस्तुतियों और उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ यह महोत्सव सेन समाज के लिए सांस्कृतिक गौरव और आपसी सद्भाव का यादगार अवसर बना।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here