लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रेकी में लिप्त 3500 सदस्यों वाले 5 व्हाट्सएप ग्रुप का भंडाफोड़, 4 जेसीबी, 3 डंपर जब्त
जयपुर ।
माइंस विभाग की जयपुर टीम ने बस्सी उपखंड के घाटा क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 एक्सक्लेवेटर (जेसीबी) मशीनें, 3 डंपर और एक मोटर साइकिल जब्त की है। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम की रेकी में लिप्त एक बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है, जिसमें करीब 3500 लोगों से जुड़े 5 व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जा रहे थे। मामले में दो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अवैध खनन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत माइंस विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। खान निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि विभाग ने औचक निरीक्षण की नीति अपनाते हुए गोपनीय तरीके से कार्रवाई शुरू की है। इसी क्रम में हाल ही में कोलायत के गंगासरोवर कैचमेंट एरिया में ड्रोन सर्वे के माध्यम से भी अवैध खनन का आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त के निर्देशों के अनुसार यह पहला अवसर है, जब अवैध खनन में लिप्त लोगों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विभागीय टीम की बड़े स्तर पर रेकी करने वाले नेटवर्क को पकड़ा गया है। इससे अवैध खनन माफिया के संगठित नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अधीक्षण खनि अभियंता जयपुर एन.एस. शक्तावत, अधीक्षण खनि अभियंता (विजिलेंस) प्रताप मीणा और खनि अभियंता श्याम कापड़ी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने पूरी तैयारी के साथ बस्सी के ग्राम घाटा में अचानक दबिश दी। इस दौरान अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण में लिप्त 4 जेसीबी मशीनें, 3 डंपर और 1 मोटर साइकिल जब्त की गई।
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम की रेकी करते हुए कृष्ण पुत्र रामजीलाल और हनुमान सहाय पुत्र रामेश्वर प्रसाद को भी पकड़ा गया। दोनों के पास से 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए। मोबाइल की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अवैध खनन से जुड़े लोग विभागीय टीम की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचना साझा करते थे, जिससे टीम के पहुंचने से पहले ही खननकर्ता फरार हो जाते थे।
जांच में कुल 5 व्हाट्सएप ग्रुप सामने आए, जिनमें ‘जय बालाजी ग्रुप’ (1023 सदस्य), ‘जय बजरंग बली’ (743 सदस्य), ‘माफिया टाइगर ग्रुप’ (612 सदस्य), एक बिना नाम का ग्रुप (642 सदस्य) और ‘जय श्याम ग्रुप’ (783 सदस्य) शामिल हैं। इस नेटवर्क से जुड़े लगभग 3500 सदस्यों के विरुद्ध कानोता थाना में एफआईआर संख्या 926/2025 और 927/2025 दर्ज कराई गई है। विभाग द्वारा प्रकरण में 20 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस कार्रवाई में अधीक्षण खनि अभियंता जयपुर एन.एस. शक्तावत, अधीक्षण खनि अभियंता सतर्कता प्रताप मीणा, खनि अभियंता श्याम कापड़ी, सहायक खनि अभियंता सुभाष डांगी, सहायक खनि अभियंता दौसा लक्ष्मीचंद मीणा, बस्सी फोरमैन जैद अली, आमेर फोरमैन विश्राम मीणा, दूदू फोरमैन सोनू अवस्थी, सतर्कता जयपुर फोरमैन नीलिमा, सुधीर, राजकुमार, बाबूलाल सहित 20 बॉर्डर होमगार्ड और आरएसी की बस्सी में तैनात प्लाटून शामिल रही।