लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रहा नया विस्तार, 11 हजार से अधिक केंद्र हुए क्रियाशील
जयपुर।(रितु मेहरा) राजस्थान में गांव-ढाणी तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर महत्वपूर्ण बदलाव का माध्यम बनकर उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सामान्य उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तक की सुविधाएं अपने क्षेत्र के नजदीक ही उपलब्ध हो रही हैं।
पहले जहां छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी ग्रामीणों को जिला अस्पतालों या बड़े चिकित्सा केंद्रों तक जाना पड़ता था, वहीं अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से गांव और मोहल्ले के स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यहां गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों का स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, बुजुर्गों की देखभाल, टेलीमेडिसिन, दवाइयां और आवश्यक जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राजस्थान में 11 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर सक्रिय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के अनुरूप प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राजस्थान में कुल 18 हजार 436 स्वास्थ्य संस्थानों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अब तक करीब 11 हजार 500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह क्रियाशील हो चुके हैं।
वर्तमान में प्रदेश में—
- 8,370 उप स्वास्थ्य केंद्र
- 2,107 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 286 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- 728 शहरी जनता क्लिनिक
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में केवल सामान्य उपचार ही नहीं, बल्कि व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशिक्षित कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ), एएनएम, स्टाफ नर्स और आशा कार्यकर्ताओं की टीम नियमित रूप से सेवाएं दे रही है।
इन केंद्रों पर मिलने वाली प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं—
- गर्भवती महिलाओं और प्रसव संबंधी देखभाल
- नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
- किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम
- परिवार नियोजन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं
- संक्रामक रोगों का उपचार
- सामान्य ओपीडी सेवाएं
- मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग
- आंख, कान, नाक एवं गले संबंधी सेवाएं
- मुख स्वास्थ्य सेवाएं
- बुजुर्गों के लिए जीरियाट्रिक एवं पेलिएटिव केयर
- मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं
- आपातकालीन प्राथमिक उपचार
गांव में मरीज, स्क्रीन पर विशेषज्ञ डॉक्टर
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टेलीमेडिसिन सेवा ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत आधार बन रही है। ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से मरीजों को अपने गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श मिल रहा है।
इन केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है। इससे मरीजों को दूर-दराज की यात्रा करने, समय गंवाने और अतिरिक्त खर्च से राहत मिल रही है।
राज्य में अब तक 31 लाख से अधिक लोगों ने टेलीमेडिसिन सेवाओं का लाभ लिया है।
स्वास्थ्य जागरूकता के केंद्र भी बने आयुष्मान आरोग्य मंदिर
ये केंद्र उपचार के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। प्रदेशभर में अब तक 44.49 लाख से अधिक वेलनेस सत्रों का आयोजन किया जा चुका है।
इन कार्यक्रमों से करीब 4 करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए हैं। योग, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और बेहतर जीवनशैली को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
121 प्रकार की दवाइयां और 14 तरह की जांच सुविधाएं उपलब्ध
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ई-औषधि सॉफ्टवेयर के माध्यम से दवाओं की आपूर्ति और उपलब्धता की निगरानी की जा रही है।
इन केंद्रों पर 121 प्रकार की आवश्यक दवाइयां और 14 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, गर्भावस्था जांच, मलेरिया, डेंगू, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफिलिस, यूरिन जांच और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग जैसी जांचें शामिल हैं।
अस्पतालों से निकलकर घर के करीब पहुंची स्वास्थ्य व्यवस्था
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने राजस्थान की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नया स्वरूप दिया है। अब स्वास्थ्य सेवाएं केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आमजन के घर के नजदीक पहुंच रही हैं।
समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञों की सलाह, मुफ्त दवाइयां और जांच सुविधाओं के कारण प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजस्थान में जनस्वास्थ्य के नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहे हैं।
