लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर | नितिन मेहरा
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से जूझने वाले अजमेर शहर के लिए राहत भरी खबर है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने वरुण सागर और आनासागर झील के जीर्णोद्धार एवं गहराई बढ़ाने (डिसिल्टिंग) कार्य के लिए कुल ₹41 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इससे झीलों की जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और शहर में बाढ़ जैसे हालातों पर नियंत्रण मिलेगा।
वरुण सागर पर ₹31 करोड़, आनासागर पर ₹10 करोड़ खर्च
योजना के तहत:
- वरुण सागर झील के विकास एवं गहराई बढ़ाने पर ₹31 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- आनासागर झील के प्रथम चरण के कार्यों के लिए ₹10 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार ने प्रारंभिक रूप से ₹4 करोड़ की वित्तीय मंजूरी भी जारी कर दी है।
जलभराव वाले क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
आनासागर झील के प्रथम चरण में रीजनल चौपाटी, सेवन वंडर्स और आसपास के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। झीलों से गाद और मिट्टी निकालने के बाद उनकी भराव क्षमता बढ़ेगी, जिससे बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
वरुण सागर बनेगा पर्यटन आकर्षण
परियोजना के तहत वरुण सागर झील का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। यहां भगवान झूलेलाल की भव्य प्रतिमा स्थापित करने तथा आकर्षक घाटों का निर्माण करने की योजना है, जिससे यह क्षेत्र नया पर्यटन केंद्र बन सके।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। टेंडर स्वीकृत होते ही झीलों की खुदाई और गाद निकालने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शहरवासियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल जलभराव की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि अजमेर के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा देगी।




















































