आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, वेतन बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग

0
24
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भरतपुर में आशा सहयोगिनियों  की अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

भरतपुर। भरतपुर में गुरुवार को आशा सहयोगिनियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 200 आशा सहयोगिनियां शास्त्री पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती हुई पहुंचीं। प्रदर्शन में भरतपुर और डीग जिले की आशा सहयोगिनियां शामिल रहीं।

आशा सहयोगिनियों की मुख्य मांग सरकार द्वारा दिए जा रहे वर्तमान 5 हजार रुपये मानदेय को बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा मानदेय में परिवार का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।

आशा सहयोगिनी राजेश्वरी व्यास ने कहा कि राज्य सरकार आशा सहयोगिनियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने मांग की कि जहां नियमितीकरण संभव नहीं हो, वहां आशा सहयोगिनियों को एकमुश्त 26 हजार रुपये वेतन दिया जाए। साथ ही एएनएम भर्ती में बोनस अंक देकर उन्हें स्थायी करने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि आशाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, जो आशा सॉफ्ट के जरिए क्लेम के रूप में मिलती है, उसे मासिक वेतन में जोड़ा जाए ताकि हर महीने नियमित भुगतान हो सके। इसके अलावा मेडिकल विभाग की ओर से सभी आवश्यक रिकॉर्ड और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

प्रदर्शनकारी आशाओं ने ईएसआई, पीएफ और आरजीएचएस जैसी सरकारी कर्मचारी सुविधाएं देने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि सरकार ने उन्हें मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसे कार्यों के लिए नियुक्त किया था, लेकिन अब उनसे लगातार अलग-अलग सर्वे और अन्य काम करवाए जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनी ने कहा, “हमको चलता-फिरता ई-मित्र बना दिया गया है। कभी आभा सर्वे, कभी हेल्थ कॉम सर्वे, कभी आउटरीच सर्वे कराया जा रहा है। इतने कम मानदेय में महंगे मोबाइल फोन खरीदना भी मुश्किल है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि समय पर भुगतान नहीं मिलता। सात महीने से हमारा मानदेय अटका हुआ है। दिवाली और होली निकल गई, लेकिन आज तक पैसा नहीं मिला।”

आशा सहयोगिनियों ने मांग की कि सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए, रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि और पेंशन योजना लागू की जाए।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here