लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कैलाशनगर में ग्रामीणों का प्रदर्शन; संयम लोढ़ा ने सरकार को घेरा
निजी सोलर कंपनी को जमीन देने के प्रस्ताव का विरोध, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आवंटन प्रक्रिया रद्द करने की मांग
सिरोही। (तुषार पुरोहित)
सिरोही जिले के शिवगंज क्षेत्र में करीब 3800 बीघा राजकीय एवं राजस्व भूमि के प्रस्तावित आवंटन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। कैलाशनगर में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर निजी सोलर कंपनी को जमीन दिए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया।
ग्रामीणों का कहना है कि मनादर-1 और मनादर-2 क्षेत्र की यह जमीन लंबे समय से स्थानीय समुदाय और पशुपालन संबंधी जरूरतों के लिए उपयोग में आती रही है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में भूमि निजी कंपनी को आवंटित किए जाने से ग्रामीणों के हित प्रभावित होने की आशंका है।
कैलाशनगर में ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन
प्रस्तावित भूमि आवंटन के विरोध में ग्रामीण कैलाशनगर में एकत्र हुए और धरना देकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और स्थानीय ग्रामीणों की आपत्तियों पर विचार किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन का उपयोग क्षेत्र की सामुदायिक जरूरतों और पशुपालन के लिए होता रहा है। इसलिए किसी निजी परियोजना के लिए जमीन आवंटित करने से पहले स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी धरने में पहुंचे
ग्रामीणों के प्रदर्शन में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी शामिल हुए। उन्होंने राज्य सरकार पर ग्रामीणों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
लोढ़ा के मुताबिक, 400 मेगावाट की सोलर परियोजना के लिए 23 मार्च 2026 को आवेदन किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर जिस तेजी से प्रक्रिया आगे बढ़ी, उससे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर ग्रामीणों के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता।
‘आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ी तो आंदोलन होगा तेज’
संयम लोढ़ा ने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जमीन और उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
वहीं ग्रामीणों ने भी सरकार से प्रस्तावित भूमि आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री के नाम उप-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम उप-तहसीलदार, कैलाशनगर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मनादर-1 और मनादर-2 क्षेत्र की करीब 3800 बीघा जमीन के प्रस्तावित आवंटन को तत्काल निरस्त करने और ग्रामीण हितों की रक्षा करने की मांग की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सरकार और कंपनी का पक्ष आना बाकी
फिलहाल इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित निजी सोलर कंपनी का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
करीब 3800 बीघा भूमि के प्रस्तावित आवंटन को लेकर कैलाशनगर में शुरू हुआ विरोध अब आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन के जरिए सरकार के सामने अपनी मांग रख दी है। अब देखना होगा कि सरकार इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेती है।














































