लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने की भी उठी आवाज
ऑल ड्राइवर कल्याण संघ ने धरियावद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दुर्घटना में स्थायी दिव्यांगता पर 10 लाख और मृत्यु पर 20 लाख मुआवजे की मांग
धरियावद। (हितेश पालीवाल)
वाहन चालकों के हितों और कल्याण से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ऑल ड्राइवर कल्याण संघ की ओर से धरियावद उपखंड अधिकारी संदीप कुमार बेरड़ को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने देशभर के करीब 22 करोड़ वाहन चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय चालक आयोग और प्रदेश स्तर पर प्रदेश चालक आयोग के गठन की मांग की।
1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने की मांग
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि प्रत्येक वर्ष 1 सितंबर को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित किया जाए और इसे सरकारी कैलेंडर में भी शामिल किया जाए। संघ का कहना है कि देश के परिवहन और आर्थिक विकास में वाहन चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनके योगदान को संस्थागत रूप से सम्मान मिलना चाहिए।
इसके साथ ही चालकों के इतिहास, संघर्ष और योगदान को संरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय चालक संग्रहालय स्थापित करने की मांग भी रखी गई।
दुर्घटना में दिव्यांग होने पर 10 लाख, मृत्यु पर 20 लाख मुआवजा
ज्ञापन में वाहन चालकों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने मांग की कि दुर्घटना में किसी चालक के स्थायी रूप से दिव्यांग होने की स्थिति में 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए, जबकि दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
संघ ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे अधिक प्रभाव चालक और उसके परिवार पर पड़ता है। ऐसे में चालकों के परिवारों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
संविदा चालकों को नियमित करने की मांग
ऑल ड्राइवर कल्याण संघ ने सरकारी विभागों में संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत व्यावसायिक चालकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा उन्हें नियमित करने की मांग भी की।
संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे चालकों को रोजगार सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए।
पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिलाध्यक्ष पुरणमल मीणा, जिला महासचिव अशोक, कानूनी सलाहकार केशुलाल, भैरूलाल, रमेशचन्द्र, नाथुराम और मीडिया प्रभारी हाकरचंद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ पदाधिकारियों ने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की और उम्मीद जताई कि चालक समुदाय की समस्याओं पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।














































