21 रमजान पर वादी-ए-नूर दरगाह में दावत-ए-इफ्तार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

पादूकलां। पवित्र रमजान माह की 21 रमजान के अवसर पर पादूकलां के निकट वादी-ए-नूर स्थित नौ कून्टी दरबार हजरत दरवेश गरीब अली शाह बाबा की दरगाह पर भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्रभर से हजारों रोजेदार, अकीदतमंद और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और सामूहिक रूप से रोजा खोलकर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी।

कार्यक्रम की शुरुआत नमाज की अदायगी से हुई। इस मौके पर मौलाना मोहम्मद शानिब ने रमजान माह और रोजे की फजीलत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है। रोजा इंसान को सब्र, परहेजगारी और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देता है।

इफ्तार के दौरान रोजेदारों के लिए पपीता, अंगूर, संतरा, केला, अनार और चीकू सहित विभिन्न प्रकार के ताजे फलों और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई। अजान होते ही रोजेदारों ने एक साथ बैठकर रोजा खोला और अल्लाह का शुक्र अदा किया।

दरगाह के गद्दीनशीन फकीर रमजान अली खां सथाना ने बताया कि 21 रमजान का दिन हजरत मौला अली (अ.स.) की शहादत की याद में विशेष महत्व रखता है। इसी अवसर पर हर वर्ष दरगाह में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से अकीदतमंद शामिल होते हैं।

आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें हिंदू-मुस्लिम समाज के लोग, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी भामाशाह और साधु-संत भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर रोजा इफ्तार किया और गंगा-जमुनी तहजीब व आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।

इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद शानिब, मौलाना मुख्तियार भानु सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। रमजान के इस पावन अवसर पर दरगाह परिसर देर शाम तक धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल से गुलजार रहा।

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