जयपुर।नया दृष्टिकोण वाले शिविर में गुरुवार को भवानी निकेतन परिसर सीकर रोड में अनूठा दृश्य देखने को मिला। यहां मंच से सन टू ह्यूमन की ओर से मां गार्गी ने परिवार का महत्व बताया और बड़ों को परिवार में सभी को कैसे मार्गदर्शन करना है यह भी समझाया। इस मौके पर उपस्थित अपने से कम उम्र के लोगों ने बड़ों को साष्टांग प्रणाम किया वहीं बड़ों ने भी आशीर्वाद देते हुए उन्हें गले लगा लिया। ऐसा भाव विह्वल कर देने वाला दृश्य सबके सामने था, जिसमें सभी अपने बन गए और गले लगकर एक दूसरे का अभिवादन किया। इस अपनेपन के भावों के साथ ही कई साधकों की आंखों से आंसू टपक पड़े।
इस मौके पर मां गार्गी ने बताया कि हम आज मोबाइल, कंप्यूटर और ऐशो- आराम के कारण अपनों को भूल गए है। लंबे समय तक परिवार में बातचीत नहीं होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज व्यक्ति को मशीनरी से इतना लगाव हो गया है कि वह अपने बच्चों से भी बात करने का समय नहीं निकाल पा रहा है, इससे दूरियां बढ़ रही है।
इस मौके पर मां गार्गी ने शरीर के मुख्य भाग ब्रेन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा आंखों की उर्जा ब्रेन तक लेकर जाना, हर समस्या का समाधान हमारा ब्रेन ही करता है इसी को समाधि कहा गया है। हम सोचते हैं कि समाधि का मतलब क्या है। जिस व्यक्ति को हर समस्या का समाधान आता है, वह बहुत ही गहरा व्यक्ति है। उन्होंने कहा सबसे बड़ी समस्या तो वह है जो
आप लोग हर दिन क्रिएट करते हैं, आपको यही पता नहीं कि भोजन कैसे करना है, हर दिन नई बीमारी को नासमझी के कारण अपने अंदर प्रवेश करवाते हैं। जिस चीज को भोजन में शामिल नहीं करना उसे नासमझी के कारण ले लेते हैं। जिससे रोजाना बीमारियों का भंडार इकट्ठा कर रहे हैं और वह विशाल पहाड़ बन जाता है। इसका समाधान करना होगा और वह आप स्वयं ही कर सकते हैं, हर व्यक्ति चाहे तो अपने जीवन को सुंदर बना सकता है।
*शरीर को सही रखने के प्रयोग भी करवाएं*
यह जीवन अमूल्य धरोहर है, अत्यंत उपयोगी है इसे संभाल कर रखना चाहिए। नया दृष्टिकोण मैं युवाओं में नई चेतना और जागृति के लिए गार्गी मां ने साधकों को
शरीर पर चर्चा करते हुए इस दौरान नाभि झटका प्रयोग के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। मीडिया प्रभारी राजेश नागपाल ने बताया कि इस दौरान गार्गी मां ने शरीर को सही रखने के प्रयोग भी करवाएं। आयोजन से जुड़े संजय महेश्वरी अजय मित्तल नरेंद्र वैद्य आलोक तिजारिया राजेश नागपाल विवेक लड्ढा प्रमोद मालपानी ने बताया
सभी साधकों ने मां गार्गी के निर्देशन में सूर्य वंदना, नटराज ध्यान, नाभि झटका और लंबी गहरी श्वास के प्रयोग करवाएं। इस दौरान मंच पर लोगों से ऊर्जा से संबंधित प्रश्न- उत्तर भी किए। उन्होंने बताया कि भोजन से उर्जा बनती है और व्यायाम से जागती है। इस ऊर्जा को ब्रेन तक पहुंचाने के लिए स्थिरता चाहिए। जिसके लिए छोटे-छोटे प्रयोग करा कर कई प्रकार की साधना की । उन्होंने आगे बताया कि उर्जा का बस एक ही काम होता हैं, जो एनर्जी आप बनाते हैं उसका सदुपयोग भी करना होगा। मीडिया प्रभारी राजेश नागपाल ने बताया मां गार्गी ने कहा
आप जो भी भोजन करते हैं वह बेहतर ही करें, इससे ऊर्जा बने फिर ऊर्जा से घर को एक कर सकें, जिससे प्रेमभाव पैदा हो सकें और इससे हम हारमोनी हम बना सकते हैं। यह इतना बड़ा धन है की ऊर्जा के सही उपयोग से ही संभव है और ऊर्जा का सदुपयोग ही सबसे बड़ा कार्य है। संजय माहेश्वरी नरेंद्र वेद ने बताया कल सुबह का सत्र 5 से 7:30 के दौरान शुक्रवार को परम आलयजी का विशेष संबोधन
होगा।
*कई साधक परिवार सहित भाग ले रहे हैं*
शिविर में अनेक साधकों ने तो परिवार सहित उत्साह के साथ भाग लिया। शिविर में लोगों का विशेष ध्यान यहां बताए जाने वाले सही आहार, सही व्यायाम और सही ध्यान के अनूठे प्रयोगों द्वारा आसानी से बीपी, डायबिटीज, थायराइड, मोटापा, माइग्रेन, डिप्रेशन, तनाव जैसे रोगों को ठीक किया जा सकता है पर ही केंद्रित रहा। सभी ने मां गार्गी को भोजन और ऊर्जा के दौरान बताएं नियम सूत्रों को ध्यान से सुना। शिविर में प्रतिदिन प्रातः 5 से 7 बजे तक विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उसके बाद सभी को पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक 20 प्रकार का एल्कलाइन नाश्ता और विशेष प्रकार से तैयार की गई शीतल छाछ उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुवार को शिविर में अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिविर से जुड़े संजय माहेश्वरी ने बताया कि सन टू ह्यूमन के छोटे-छोटे, सहज व सरल प्रयोगों के माध्यम से जीवन में लाखों लोग सकारात्मक बदलाव अनुभव कर रहे है। साथ ही महामारियों के इस दौर में शरीर को स्वस्थ रखने की तकनीक और समझ पैदा करने के लिए इस प्रकार के शिविरों की महत्वता और भी बढ़ जाती है। इस बार शिविर में उम्मीद से ज्यादा साधकों की उपस्थिति लगातार बनी हुई है।
