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रैगर समाज को बोर्ड आयोगों में मिलेगा उचित प्रतिनिधित्व, चर्मकला बोर्ड का भी होगा गठन – गहलोत

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जयपुर राजस्थान सरकार में रेगर समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देने को लेकर समाज में बढ़ती नाराजगी के मद्देनजर आज जयपुर में एक विशाल आम सभा का आयोजन हुआ और इस दौरान रैगर समाज में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में रेगर रेगर समाज को सत्ता में भागीदारी देने की मांग उठाई इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि रेगर समाज का इंदिरा गांधी जी के जमाने से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है और कांग्रेस पार्टी ने मैं केवल राजस्थान अभी तो दिल्ली में हूं रैगर समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया है मेरे पहले मुख्यमंत्री काल में भी बाकोलिया जी कैबिनेट मंत्री थे इसके अलावा समय-समय पर बोर्ड और आयोगों में भी प्रतिनिधि मिला है हो सकता है इस बार बोर्ड आयोगों में कोई कमी रह गई हो तो जल्दी ही इस कमी को दूर किया जाएगा और रेगर समाज को सत्ता और संगठन दोनों में भागीदारी दी जाएगी।

गहलोत बोले बोर्ड कॉर्पोरेशन में आपका आदमी नहीं आ पाया था, इस बात का हमें भी दुःख है, मौका लगते ही आपको प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, ये मैं कहना चाहूंगा आपको, घोषणा करना चाहता हूं, आप निश्चिंत रहो, जहां मौका लगेगा, रैगर समाज हमारे दिल में बसता है, आप निश्चिंत रहो, कोई कमी नहीं आने देंगे और जब मौका लगेगा, तमाम उन योजनाओं को लेकर आएंगे जो आपके हितों की रक्षा करती हों ।

गहलोत ने वेदर रैगर समाज से आह्वान किया कि सब मिलकर अगली सरकार बनाएंगे, ये हमारा संकल्प है और आप सबका आशीर्वाद हमें चाहिए, आपका आशीर्वाद मिलेगा और अगर रैगर समाज ने ये तय कर लिया, तो मैं आपको कह सकता हूं कि रैगर समाज का अपना एक ऑरा है देश के अंदर, प्रदेश के अंदर, भरा पड़ा है रैगर समाज दिल्ली के अंदर भी, कहां नहीं है? राजधानी में समाज का मेंबर पार्लियामेंट बना है मतलब एमपी बने हैं, यहां 3-3 एमएलए बने थे बाबूलाल जी के वक्त में, जब पहली बार मैं आपके आशीर्वाद से मुख्यमंत्री था, 22 साल, 24 साल हो गए इस बात को, तब बाबूलाल जी मेरे ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर थे उस जमाने के अंदर, इसलिए आप निश्चिंत रहो, हमारी सरकार हमेशा बाबा साहब के संविधान की रक्षा करेगी, लोकतंत्र को मजबूत करेगी, इनके मंसूबे जो हैं, वो पूरे नहीं होने देंगे हम लोग, हम चाहेंगे कि देश में प्रेम भाईचारा रहे क्योंकि परिवार में भी यदि झगड़ा होता है भाइयों के अंदर, वो परिवार कभी ऊपर नहीं उठ सकता है, प्रेमभाव होता है आपस के अंदर तो परिवार ऊपर उठता है, यही बात लागू होती है गांवों में भी, प्रदेश के अंदर भी और देश के अंदर भी, हम चाहेंगे कि सभी लोग मिलकर जो आज हो रहा है, आपके हक की रक्षा होगी।

वो एक इतिहास बन गया, जिसकी बात अभी आपने की थी, 1984 के अंदर। अब आप कल्पना कीजिए कि इंदिरा गांधी जी का रिश्ता, कांग्रेस का रिश्ता और रैगर समाज का रिश्ता क्या है? हमेशा इस बात का अहसास हम सबको है कि आप लोगों ने हमेशा कांग्रेस पार्टी जिसका इतिहास बहुत शानदार, त्याग का, बलिदान का, कुर्बानी का है, बड़े-बड़े नेता जेलों में गए थे गांधी जी के सानिध्य में पंडित जवाहर लाल नेहरू हों, चाहे वो सरदार पटेल हों, मौलाना अबुल कलाम आजाद हों और डॉ. अंबेडकर साहब का संविधान बनाया हुआ है। आज आप कल्पना कीजिए कि वो संविधान बाबा साहब का और वो नेता हमारे उस जमाने के. संविधान के साथ-साथ में आपको अधिकार मिल गए सारे, छुआछूत पर कानून बन गया, बराबरी का हक मिल गया, वोट का अधिकार मिल गया।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के उत्थान के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि एससी समाज सम्मान का अधिकारी है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है। राज्य सरकार द्वारा जनता के साथ किए गए 90 प्रतिशत चुनावी वादे पूरे किए जा चुके हैं। कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि रैगर समाज एक परिश्रमी समाज है। लोकतांत्रिक संस्थानों में उचित प्रतिनिधित्व समाज का हक है। बगरू विधायक गंगादेवी ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रैगर समाज की मांगों पर सकारात्मक रूख के साथ कार्य कर रही है। अखिल भारतीय रैगर महासभा के अध्यक्ष डॉ. एस. के. मोहनपुरिया ने कहा कि रैगर समाज राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रहता है। उचित जनप्रतिनिधित्व समाज का हक है तथा इस दिशा में कार्य होना चाहिए। इस दौरान उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी, विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा अखिल भारतीय रैगर महासभा के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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