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पोखर खुदाई व घाट का निर्माण कराए बिना ही हड़पे 20 लाख रुपए, कनवाडा के पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर अयोग्य घोषित

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संभागीय आयुक्त ने जारी किए आदेश, आरोपी से वसूली जाएगी गबन की राशि
डीग,कामां। हरिओम मीना रिपोर्टर कामां पंचायत समिति में भाजपा के राज में हुई भ्रष्टाचार लगातार सामने आ रहे है सबसे मज़ेदार बात तो यह है कि भाजपा के राज में हुएं भ्रष्टाचार भाजपा के राज में फिर सामने आया है जिसमें जमीनी धरातल पर बिना कार्य कराए 20 लांख रुपए का फर्जी तरह से भुगतान उठा लिया है। कामां पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कनवाडा के पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर द्वारा ग्राम पंचायत कनवाडा में विकास कार्य नहीं कराकर फर्जी तरीका से 20 लाख 7069 रुपए भुगतान उठाने का दोषी पाए जाने पर संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा ने पांच वर्ष के लिए पंचायती चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया है। साथ ही गबन की राशि वसूलने के आदेश भी दिए है। कामां पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कनवाडा के पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर के द्वारा अपने कार्यकाल में ग्राम पंचायत कनवाडा के गांव मुरार में पोखर खुदाई एवं गऊ घाट निर्माण कार्य कागजों में फर्जी तरीके से दिखाते हुए करीब 20 लाख 7 हजार 69 रुपए का भुगतान उठा लिया था। जिसकी शिकायत पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के सहायक शासन सचिव जयपुर में पहुंचने के बाद जिला परिषद भरतपुर के कार्यकारी अधिकारी से पोखर खुदाई, गऊ घाट निर्माण कार्यों की जांच कराई गई तो निर्माण कार्य मौके पर नही मिला। जांच रिपोर्ट के आधार संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा ने ग्राम पंचायत कनवाडा के पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर को आरोप पत्र से तलब किया। लेकिन पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर के द्वारा कोई जवाब व साक्ष्य व निर्माण कार्य से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। डीसी सांवरमल वर्मा ने पूर्व सरपंच रामेश्वर को 20 लाख 7 हजार 69 रुपए गबन करने का मुख्य आरोपी मानते हुए गबन की राशि वसूलने और पांच वर्ष तक पंचायती राज विभाग का चुनाव लड़ने पर स्थाई रूप से प्रतिबंध लगाया है।
जानकारी के अनुसार हम आपको बता दें कि अभी भी दर्जनों शिकायतें चल रही है जिनमें जांच प्रक्रिया पूरी होने पर कार्यवाही की जाएंगी।।

सत्ता सुख व समृद्धि की चाह में सत्ता के साथ रहते हैं रामेश्वर गुर्जर
पूर्व सरपंच रामेश्वर गुर्जर कनवाड़ा हमेशा से ही सत्ता के साथ रहते आएं हैं । राज चाहें कांग्रेस का हो या फिर हो भाजपा का ,वो हमेशा विधायक के ख़ास व सबसे करीबी माने जाते हैं। 2004 में भाजपा के राज में भाजपा के विधायक के साथ नज़र आतें थे फिर 2019 में विधानसभा के चुनाव संपन्न हुएं जिसमें वो भाजपा के प्रत्याशी जवाहर सिंह बेढम के साथ चुनावी प्रचार में कदम से कदम मिलाकर रहे। बेढम के चुनाव हारने के तुरंत बाद कांग्रेस की जाहिदा खान के बहुत ही कम समय में करीब हो गए। पांच साल पंचायत समिति व नगर पालिका के काम काज देखें व चारों तरफ मानों की विकास की गंगा वह रही हो। पांच साल के कार्यकाल के बाद 2024 में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद फिर भाजपा विधायक नोक्षम चौधरी के खास बन गए। ,आज भी हर जगह विधायक नोक्षम चौधरी के साथ नज़र आतें हैं। 15-20 बर्ष के कार्यकाल से साफ स्पष्ट दिखाई देता है की रामेश्वर गुर्जर पूर्व सरपंच हमेशा से रोजी रोटी कमाने के चक्कर में सत्ता का सुख भोगने के लिए हमेशा सत्ता में रहना पसंद करते हैं। चाहे सरकार कोई भी हो, आज पंचायत समिति कामां व नगर पालिका कामां में सर्वेसर्वा की तरह ठेकेदार के रुप में कार्य देख रहे हैं। जिससे अन्य ठेकेदारों में नाराजगी बनी हुई है। पूर्व की भांति रामेश्वर गुर्जर पूर्व सरपंच ने विकास की गंगा बहाई तो इसके गंभीर परिणाम भाजपा विधायक सहित कस्बे के लोगों को भुगतने पड़ेंगे।

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